अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय बाजारों में एक साथ कई बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। एक तरफ जहां चीन के विनिर्माण क्षेत्र ने दुनिया भर के निर्यात बाजारों में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाई है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर में आई ताजा मजबूती ने प्रमुख विदेशी मुद्राओं, बहुमूल्य धातुओं और डिजिटल संपत्तियों के भाव पर दबाव बना दिया है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि मुद्रा के मूल्य और वैश्विक मांग-आपूर्ति के बीच का संबंध इन व्यापारिक आंकड़ों में साफ झलकता है।
चीन का निर्यात उछाल और युआन का मूल्यांकन
साल 2019 से लेकर 2025 के अंत तक की अवधि के दौरान चीन ने अपने वास्तविक निर्यात में 47% की भारी वृद्धि दर्ज की है। इसकी तुलना में इसी समयावधि के दौरान कुल वैश्विक व्यापार में केवल 15% की बढ़त देखने को मिली। इस अंतर के कारण चीन ने दुनिया के विभिन्न बाजारों में अपनी हिस्सेदारी का काफी विस्तार किया है। आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान चीन का कुल व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) USD 400 बिलियन से बढ़कर USD 1,180 बिलियन के स्तर पर पहुंच गया।
केवल निर्मित वस्तुओं (मैन्युफैक्चर्ड गुड्स) की बात करें तो 2025 में चीन का व्यापार अधिशेष वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 1.75% के बराबर रहा। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि दुनिया के दो शीर्ष निर्यातकों जर्मनी और जापान के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन वाले वर्षों के संयुक्त आंकड़े भी इस स्तर तक नहीं पहुंच सके थे। हालांकि विश्लेषक स्वीकार करते हैं कि चीन ने कुछ नई उत्पाद श्रेणियों में पूरी तरह से नया वैश्विक निर्यात बाजार तैयार किया है, लेकिन लगभग 20% का मूल्य अंतर (प्राइस डिफरेंस) मांग और आपूर्ति को गहराई से प्रभावित कर रहा है।
डॉलर की रिकवरी से पाउंड और यूरो में गिरावट
विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की अचानक बढ़ी मांग से प्रमुख मुद्राओं पर असर पड़ा है। GBP/USD की जोड़ी में बिकवाली का दबाव बढ़ा है और यह लुढ़ककर 1.3530 के स्तर के पास आ गई है। इसी तरह EUR/USD में भी गिरावट तेज हुई है और यह सप्ताह के निचले स्तर 1.1600 के नीचे आ चुका है।
डॉलर में आए इस उछाल की मुख्य वजह जैक्सन होल संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) में अध्यक्ष वॉश द्वारा दिया गया नीतिगत बयान है, जिसे बाजार ने सख्त रुख के रूप में लिया। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल (NFP) के वार्षिक संशोधन में -79K रोजगार की कटौती दर्ज की गई, जिससे निवेशकों ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के बीच ब्याज दरों के भावी कदमों का पुनर्मूल्यांकन शुरू कर दिया है।
सोने के दाम निचले स्तर पर और केंद्रीय बैंकों की भावी रणनीति
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में भी बिकवाली देखी जा रही है। पीली धातु दबाव में आकर अपने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) $4,530 प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण स्तर का परीक्षण कर रही है। बॉन्ड यील्ड में तेजी और सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की संभावनाओं के पुनर्मूल्यांकन ने सोने के आकर्षण को कम किया है।
आगामी आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो बाजार की नजरें ISM PMI और NFP की नई रिपोर्ट पर टिकी हैं। केंद्रीय बैंकों के मोर्चे पर, RBNZ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है, जहां निवेशक भविष्य के नीतिगत मार्गदर्शन पर ध्यान केंद्रित करेंगे। दूसरी ओर, BoC के अपनी दरों को यथावत रखने की संभावना है, जबकि 2027 में दर वृद्धि के संकेतों का आकलन किया जा रहा है।
क्रिप्टो बाजार में सुस्ती और डीजल क्रैक स्प्रेड का नया रिकॉर्ड
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सुधार की कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। बिटकॉइन $81,000 और $82,000 के बीच बने प्रतिरोध स्तर को पार करने के दो असफल प्रयासों के बाद $80,000 के स्तर से नीचे आ गया है। इस रुख का असर अन्य संपत्तियों पर भी पड़ा है, जिससे एथेरियम घिसटकर $2,500 पर आ गया और रिपल (XRP) $1.40 के सपोर्ट स्तर की ओर नीचे आ गया।
ऊर्जा बाजार में एक अनोखा रुझान देखने को मिला है। कच्चे तेल के वायदा बाजार में स्थिरता के बावजूद डीजल रिफाइनिंग मार्जिन में भारी उछाल आया है। WTI कच्चे तेल पर अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम, जिसे अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड कहा जाता है, इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर निकलकर $102.00 के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
USD/CNY का ताजा बाजार विश्लेषण
चीनी युआन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/CNY) की लाइव दर 6.73 पर चल रही है, जो पिछले बंद स्तर 6.72 से +0.04% की मामूली बढ़त दर्शाती है। बीते 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी ने 6.71 से 7.19 का दायरा देखा है। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय RSI 29 के स्तर पर है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र को दर्शाता है। MACD -0.01 पर है जो बेयरिश हिस्टोग्राम संकेत दे रहा है।
मूविंग एवरेज के मोर्चे पर EMA20 6.74, EMA50 6.76 और EMA200 6.88 पर है, जो लंबी अवधि के मंदी के रुझान (डेथ क्रॉस) की पुष्टि करता है। वर्तमान बाजार संरचना के तहत धुरी बिंदु (पिवट लेवल) 6.72 पर है, जबकि प्रतिरोध स्तर R1 6.73 और R2 6.74 पर मौजूद हैं। नीचे की तरफ तत्काल सपोर्ट S1 6.71 और S2 6.70 के स्तर पर बना हुआ है।


















