नेपाल में मूसलाधार बारिश से उत्पन्न बाढ़ और तबाही के बीच भारत ने अपने पड़ोसी देश की ओर मदद का हाथ और मजबूत किया है। भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से 10 टन अतिरिक्त राहत सामग्री और 11 सदस्यों वाली विशेषज्ञ टीम काठमांडू भेजी गई है। इस दल में अनुभवी डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों में बने टनल रेस्क्यू के विशेष विशेषज्ञ शामिल हैं। विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने काठमांडू में इस राहत सामग्री और टीम के पहुंचने की पुष्टि की है।
तीसरी राहत उड़ान और भेजी गई सामग्री की जानकारी
काठमांडू पहुंचे तीसरे विमान के साथ ही भारत द्वारा नेपाल को भेजी गई कुल आपदा राहत सामग्री 47.5 टन तक पहुंच गई है। इस हालिया खेप में 10 टन राहत सामग्री शामिल है। इस आपूर्ति में बिजली सेवा बाधित होने पर काम आने वाले पोर्टेबल जनरेटर सेट, महिलाओं के लिए डिग्निटी किट, तैयार भोजन के पैकेट और जल जनित बीमारियों को रोकने के लिए वाटर प्यूरीफिकेशन टैबलेट भेजी गई हैं। इससे पहले भेजी गई दूसरी खेप में 37.5 टन सामग्री भेजी गई थी, जिसका वितरण प्रभावित इलाकों में किया जा रहा है।
जमीन पर तैनात 11 सदस्यीय मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम
राहत सामग्री के अलावा भारत ने 11 सदस्यीय विशेषज्ञ दल को भी धरातल पर राहत कार्यों के लिए तैनात किया है। इस टीम में चिकित्सा अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और टनल रेस्क्यू के लिए रेकी करने वाले विशेषज्ञ शामिल हैं। नेपाल के कठिन पहाड़ी इलाकों में बाढ़ के कारण सुरंगों और मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए यह टीम काम कर रही है। इसके साथ ही भारत ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की अतिरिक्त टीमों और बेली ब्रिज जैसी ढांचागत व्यवस्थाओं को भी तैयार रखा है, जिन्हें नेपाल सरकार की मांग पर तुरंत भेजा जा सकता है।
चीन से नेपाल के रास्ते 149 भारतीयों की सुरक्षित निकासी
आपदा राहत अभियानों के बीच विदेश मंत्रालय ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। चीन की सीमा से 149 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल में दाखिल हो चुके हैं। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर इन नागरिकों की सुरक्षा और स्वदेश वापसी की व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति और स्थानीय राहत अभियान
नेपाल में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जहां मौतों का आंकड़ा 538 तक पहुंच चुका है। नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सरकारी आपदा प्रबंधन इकाइयां बेहद कठिन परिस्थितियों में दिन-रात बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। स्थानीय बचाव दल आम निवासियों के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे विदेशी पर्यटकों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
विदेश मंत्री का आधिकारिक संदेश
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस तीसरी राहत उड़ान के काठमांडू पहुंचने की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरी सामग्री के साथ 11 सदस्यीय मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम अब जमीनी स्तर पर राहत कार्यों में लग चुकी है। भारत ने अपने पड़ोसी प्रथम दृष्टिकोण के तहत संकट के इस दौर में नेपाल को निरंतर सहयोग देने का संकल्प दोहराया है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर आम नागरिकों ने भारत सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि मुश्किल वक्त में अपने पड़ोसी देश की मदद करना सच्ची मानवता को दर्शाता है और लगातार काम कर रही राहत टीमों के प्रयास सराहनीय हैं।


























