भारत और बेल्जियम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग, व्यापारिक संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस संयुक्त वक्तव्य के प्रमुख अंश साझा किए।
द्विपक्षीय वार्ता और रणनीतिक साझेदारी
दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हुई इस बैठक में भारत और बेल्जियम के ऐतिहासिक संबंधों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए नए अवसरों की पहचान की गई, जिससे दोनों पक्षों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
भारत और बेल्जियम के संबंध ऐतिहासिक रूप से काफी मजबूत रहे हैं। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों द्वारा दी गई कुर्बानियों और योगदान को भी इस साझेदारी के एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में याद किया जाता है। दोनों देशों ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक दूसरे का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वक्तव्य
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ संयुक्त प्रेस मीट के दौरान अपने विचार साझा कर रहा हूँ।" अपने संबोधन में उन्होंने भारत और बेल्जियम को स्वाभाविक साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित किया। वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता और विकास सुनिश्चित करने के लिए दोनों देश मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका और मजबूत नेतृत्व की सराहना की, जबकि कुछ यूजर्स ने अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव के साथ-साथ घरेलू मुद्दों और शासन पर भी समान ध्यान देने की बात कही।


























