नई दिल्ली में रूस की स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात हुई, जहां द्विपक्षीय संबंधों और संसदीय स्तर पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच आपसी साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
व्यापार और रणनीतिक साझेदारी
भारत और रूस के बीच कूटनीतिक संबंध लंबे समय से बेहद मजबूत रहे हैं। दोनों देश समय-समय पर विभिन्न मंचों के माध्यम से अपने संबंधों को नई ऊंचाइयां देने का काम करते हैं। इस मुलाकात के दौरान विधायी और संसदीय स्तर पर आपसी संवाद बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया ताकि दोनों देशों की जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
बीआरिक्स और वैश्विक मंच
रूस और भारत दोनों ही कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों का हिस्सा हैं, जहां वे वैश्विक मुद्दों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। भारत के पास बीआरिक्स संसदीय मंच की मेजबानी की जिम्मेदारी है, जिसके तहत दोनों देशों के बीच विधायी सहयोग को लेकर विशेष चर्चाएं हो रही हैं। चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस और वियतनाम जैसे देशों के साथ भी रूस के ऐसे अंतर-संसदीय संवाद नियमित रूप से होते रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों ने इस उच्चस्तरीय कूटनीतिक बैठक पर मिली-जुली और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दीं। कई उपयोगकर्ताओं ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक दोस्ती को सराहा और द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य को लेकर अपनी राय रखी।


























