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जन्मसिद्ध नागरिकता पर शी जिनपिंग को ट्रंप की बधाई, अमेरिका में भी छिड़ी है कानूनी लड़ाईनेता जी
30 जून 2026, 11:41 pm (45 दिन पहले)· 5

जन्मसिद्ध नागरिकता पर शी जिनपिंग को ट्रंप की बधाई, अमेरिका में भी छिड़ी है कानूनी लड़ाई

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन को जन्मसिद्ध नागरिकता के मुद्दे पर बधाई दी। यह उस वक्त आया जब ट्रंप खुद अमेरिका में इसी नीति को खत्म करने की कानूनी जंग लड़ रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन को जन्मसिद्ध नागरिकता के मुद्दे पर "जबरदस्त जीत" के लिए बधाई दी। उन्होंने पोस्ट के अंत में खुद को "राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप" लिखकर दस्तखत किए। यह बधाई उस वक्त दी गई जब ट्रंप खुद अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता की नीति खत्म करने की जोरदार कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, और वह लड़ाई अभी भी अनसुलझी है।

ट्रंप का पूरा संदेश

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा:

ये भी पढ़ें
मैं राष्ट्रपति शी और महान देश चीन को उनकी जबरदस्त जन्मसिद्ध नागरिकता जीत पर बधाई देना चाहता हूं! राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप।

यह पोस्ट कुछ ही शब्दों की थी, लेकिन इसका राजनीतिक वज़न बहुत बड़ा है। यही मुद्दा इस वक्त अमेरिका में गहरे संवैधानिक विवाद का केंद्र बना हुआ है और उसकी धुरी खुद ट्रंप हैं।

जन्मसिद्ध नागरिकता का मतलब क्या है

जन्मसिद्ध नागरिकता वह कानूनी सिद्धांत है जिसके तहत किसी देश की धरती पर जन्मे बच्चे को उस देश की नागरिकता अपने आप मिल जाती है, चाहे उसके माता-पिता किसी भी देश के नागरिक हों। अमेरिका में यह अधिकार संविधान के 14वें संशोधन से सुनिश्चित होता है, जिसे गृहयुद्ध के बाद अपनाया गया था। चीन इससे बिल्कुल अलग नीति पर चलता है। वहां नागरिकता माता-पिता की राष्ट्रीयता के आधार पर तय होती है, जन्मस्थान के आधार पर नहीं। इसका मतलब यह है कि चीन में किसी विदेशी माता-पिता के घर पैदा हुए बच्चे को चीनी नागरिकता नहीं मिलती।

अमेरिका में ट्रंप की कानूनी जंग

ट्रंप लंबे समय से यह मांग उठाते रहे हैं कि अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता की नीति खत्म होनी चाहिए। उनका तर्क है कि अवैध प्रवासियों या अस्थायी वीज़ा पर आए लोगों के यहां अमेरिका में पैदा हुए बच्चों को स्वतः अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए। इस मकसद के लिए उन्होंने कार्यकारी आदेश जारी किए, लेकिन अदालतों ने उन पर रोक लगाई। अदालतें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इस तरह के कदम संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करते हैं। मामला इतना तीखा हो चुका है कि ट्रंप ने इस मुद्दे पर कानून तोड़ने की धमकी भी दे डाली।

चीन की तारीफ का असल संदेश

चीन को "जन्मसिद्ध नागरिकता की जबरदस्त जीत" पर बधाई देकर ट्रंप ने परोक्ष रूप से चीनी नागरिकता मॉडल की सराहना की है। चीन में जन्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जाती, और यही वह नीति है जिसे ट्रंप अमेरिका में लागू करना चाहते हैं। इस पोस्ट के ज़रिए ट्रंप एक ऐसे देश की खुलकर तारीफ करते नज़र आए जिससे अमेरिका के रिश्ते हमेशा से जटिल रहे हैं। संदेश साफ है: ट्रंप की नज़र में चीन ने वह काम कर दिखाया है जिसे वे अमेरिका में अभी तक पूरा नहीं कर पाए।

सवाल-जवाब

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर क्या पोस्ट किया?
ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन को जन्मसिद्ध नागरिकता के मुद्दे पर 'जबरदस्त जीत' के लिए बधाई दी और 'राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप' के नाम से पोस्ट किया।
जन्मसिद्ध नागरिकता क्या होती है?
जन्मसिद्ध नागरिकता वह सिद्धांत है जिसके तहत किसी देश में जन्मे बच्चे को उस देश की नागरिकता अपने आप मिल जाती है, चाहे माता-पिता किसी भी देश के नागरिक हों। अमेरिका में यह संविधान के 14वें संशोधन से मिलती है।
क्या चीन में जन्मसिद्ध नागरिकता है?
नहीं। चीन में नागरिकता माता-पिता की राष्ट्रीयता पर आधारित है, जन्मस्थान पर नहीं, इसलिए चीन में विदेशी माता-पिता के घर पैदा हुए बच्चे को चीनी नागरिकता नहीं मिलती।
ट्रंप अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता के विरोध में क्यों हैं?
ट्रंप का मानना है कि अवैध प्रवासियों या अस्थायी वीज़ा धारकों के यहां अमेरिका में पैदा हुए बच्चों को स्वतः नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।
अमेरिका में ट्रंप के कदमों को किन बाधाओं का सामना करना पड़ा?
ट्रंप के कार्यकारी आदेशों को अमेरिकी अदालतों ने रोका है और वे जांच कर रही हैं कि क्या ये कदम संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करते हैं।
चीन को बधाई देकर ट्रंप ने क्या संकेत दिया?
ट्रंप ने चीन की उस नागरिकता नीति की सराहना की जहां जन्म के आधार पर नागरिकता नहीं मिलती, जो उनके अपने अमेरिकी एजेंडे से बिल्कुल मेल खाती है।
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