केरल के मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के फंड को लेकर चल रही खबरों के बीच शशी थरूर ने अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसदों को मिलने वाली विकास निधि के आवंटन और उसके इस्तेमाल से जुड़ी खबरें और इंटरनेट मीम्स पूरी तरह से भ्रामक हैं।
₹25 करोड़ की राशि और फंड इस्तेमाल का सच
सोशल मीडिया पर यह दावा व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा था कि प्रत्येक सांसद को जनहित कार्यों के लिए ₹25 करोड़ की पूरी राशि पहले ही जारी की जा चुकी है और जनप्रतिनिधियों ने इसमें से एक चौथाई हिस्सा भी खर्च नहीं किया है। शशी थरूर ने इस तरह के दावों को खारिज करते हुए कहा कि निधि जारी करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है और बिना तथ्यों के इस प्रकार की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
सांसद निधि आवंटन की प्रक्रिया
शशी थरूर के अनुसार, MPLADS के तहत विकास कार्यों का पैसा चरणों में स्वीकृत होता है और दिशा-निर्देशों के तहत ही इसका वितरण किया जाता है। स्थानीय विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव और प्रशासनिक मंजूरी के बाद ही राशि का उपयोग संभव हो पाता है। इस वजह से किसी भी सांसद के पास एक बार में ₹25 करोड़ का फंड उपलब्ध होने का दावा गलत और भ्रामक जानकारी पर आधारित है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर शशी थरूर के इस स्पष्टीकरण के बाद नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स ने सरकारी फंड की जटिल प्रक्रियाओं पर स्पष्टता देने के लिए उनका समर्थन किया, जबकि कुछ लोगों ने विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की।

























