कतर के रास लफ्फान औद्योगिक शहर में एक जबरदस्त विस्फोट हुआ जिसमें कई लोगों की जान चली गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। पीड़ितों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। एस. जयशंकर ने इस दुखद हादसे पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी संवेदना व्यक्त की और बताया कि भारतीय दूतावास प्रभावित नागरिकों तक मदद पहुंचाने के काम में लग गया है।
जयशंकर का बयान
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि कतर के रास लफ्फान औद्योगिक शहर में हुए विस्फोट में जानमाल के नुकसान की खबर से वे बेहद दुखी हैं। उन्होंने खासतौर पर इस बात का जिक्र किया कि पीड़ितों में भारतीय नागरिक भी हैं। जयशंकर ने यह भी बताया कि जैसे-जैसे इस घटना की अधिक जानकारी सामने आ रही है, भारतीय दूतावास की टीम कतर के अधिकारियों से निरंतर संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों तक सहायता पहुंचाने में जुटी हुई है।
पृष्ठभूमि
खबरों के मुताबिक, इस विस्फोट में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल थे। रास लफ्फान कतर का एक बड़ा औद्योगिक केंद्र है जहां ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल से जुड़े विशाल संयंत्र संचालित होते हैं। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय मजदूर और पेशेवर रोजगार के लिए जाते हैं, इसलिए किसी भी ऐसी दुर्घटना में भारत सरकार की प्रतिक्रिया तुरंत आती है। हाल के वर्षों में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिक कई हादसों का शिकार हुए हैं। खबरों के मुताबिक, इससे पहले सऊदी अरब में एक बस दुर्घटना में कम से कम 45 भारतीय उमराह तीर्थयात्री मारे गए थे, जो यह दर्शाता है कि विदेशों में काम करने वाले भारतीय नागरिक किन जोखिमों में रहते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
जयशंकर की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक ओर लोगों ने पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना जताई और दूतावास की सक्रियता की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय कामगारों की सुरक्षा और सरकारी मदद की पर्याप्तता को लेकर सवाल उठाए।




















