भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियोर सैदोव के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की शुरुआत में दिए गए अपने शुरुआती वक्तव्य को एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया, जिसमें दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और साझा प्राथमिकताओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
भारत-उज्बेकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों में नया विस्तार
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की इस मुलाकात से नई दिल्ली और ताशकंद के बीच राजनयिक रिश्तों को और बल मिला है। भारत की विस्तारित पड़ोस नीति में मध्य एशिया एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है, और उज्बेकिस्तान व्यापार, संपर्क मार्ग, ऊर्जा सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भारत का एक प्रमुख साझेदार है। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी हितों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाने पर सहमति जताई।
क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक प्राथमिकताओं पर चर्चा
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लगातार हो रही उच्च स्तरीय वार्ताओं में व्यापार मार्गों को सुगम बनाने, बुनियादी ढांचे का निर्माण करने, आतंकवाद विरोधी तंत्र को मजबूत करने और शिक्षा क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। ये राजनयिक प्रयास मध्य एशिया में आर्थिक अवसरों को विकसित करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में मददगार साबित हो रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस बैठक की जानकारी सामने आने के बाद आम लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने विदेश मंत्री के राजनयिक प्रयासों की सराहना करते हुए दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों को सराहा, जबकि कुछ यूजर्स ने विदेश नीति और रणनीतिक फैसलों पर अपने विचार व्यक्त किए।



























