कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने आगामी घरेलू सत्र के लिए राज्य की पुरुष क्रिकेट टीम की कमान अपने ही पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज आर विनय कुमार को सौंपी है। 42 वर्षीय इस पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को कर्नाटक की सीनियर पुरुष टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि इस नए अनुबंध के साथ विनय कुमार कर्नाटक क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक पारिश्रमिक प्राप्त करने वाले मुख्य कोच बन जाएंगे।
दिग्गजों से सजी समिति ने दी मंजूरी
विनय कुमार की इस नई भूमिका की सिफारिश और मंजूरी केएससीए की क्रिकेट प्रशासनिक समिति (सीएसी) द्वारा प्रदान की गई है। इस चयन समिति में अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, सुनील जोशी और वेंकटेश प्रसाद जैसे भारतीय क्रिकेट के दिग्गज नाम शामिल हैं। आगामी 13 अगस्त को होने वाली वर्किंग कमेटी की बैठक में इस फैसले पर अंतिम मुहर के साथ-साथ पुरुष और महिला दोनों टीमों के सपोर्ट कोचिंग स्टाफ के नामों की भी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय आंकड़े और आईपीएल में योगदान
भारत के लिए खेलते हुए आर विनय कुमार ने तीनों प्रारूपों को मिलाकर कुल 48 अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए हैं। उनके नाम 1 टेस्ट मैच में 1 विकेट, 31 एकदिवसीय (वनडे) मुकाबलों में 38 विकेट तथा 9 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 10 विकेट दर्ज हैं। रेड बॉल फॉर्मेट में उनकी गिनती कर्नाटक के सबसे प्रभावी और सफल तेज गेंदबाजों में की जाती है।
आईपीएल में भी विनय कुमार का सफर काफी विस्तृत रहा है। उन्होंने साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग के उद्घाटन सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के साथ अपने आईपीएल करियर का आगाज किया था। इसके बाद वे कोच्चि टस्कर्स, केकेआर और मुंबई इंडियंस जैसी प्रमुख फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे।
संन्यास के बाद कोचिंग और टैलेंट स्काउटिंग का अनुभव
वर्ष 2021 में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद विनय कुमार ने खेल से अलग विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। वे मुंबई इंडियंस के लिए टैलेंट स्काउट के रूप में देश भर से युवा क्रिकेट प्रतिभाओं को खोजने का काम कर चुके हैं। इसके अलावा वे आईएलटी20 लीग में एमआई एमिरेट्स टीम के गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और टीवी कमेंट्री में भी अपना योगदान दे चुके हैं।
घरेलू क्रिकेट करियर की शुरुआत से संन्यास तक का सफर
विनय कुमार ने अपने रणजी ट्रॉफी करियर की शुरुआत जे अरुण कुमार की कप्तानी में बंगाल के खिलाफ की थी। अपने पहले रणजी मुकाबले में उन्होंने बंगाल टीम के तत्कालीन कप्तान रोहन गावस्कर को अपना पहला शिकार बनाया था। लंबे समय तक कर्नाटक के लिए खेलने के बाद, 2019 में अपने करियर के अंतिम चरण में वे पॉन्डिचेरी की टीम से जुड़ गए थे। इसके बाद जब आईपीएल नीलामी में अनुबंध मिलना बंद हुआ, तो उन्होंने 2021 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था।



















