केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए किसानों से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यूरिया-2026 राष्ट्रीय निवेश नीति (NIPU-2026) को मंजूरी दे दी है। यह नीति देश में नई गैस आधारित यूरिया इकाइयां लगाने से जुड़ी है, जिसका मकसद यूरिया उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।
क्या है यूरिया-2026 राष्ट्रीय निवेश नीति
राजनाथ सिंह के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हित में लगातार फैसले लेती रही है और इसी कड़ी में यह नई नीति सामने आई है। यूरिया-2026 राष्ट्रीय निवेश नीति के तहत देश में नई गैस आधारित यूरिया परियोजनाओं में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि यूरिया के आयात पर निर्भरता कम हो और घरेलू उत्पादन बढ़े। इससे किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
किसान कल्याण के लिए सरकार के अन्य कदम
यह फैसला ऐसे समय आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें लगातार किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर काम कर रही हैं। अक्टूबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि क्षेत्र में 35,440 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली दो प्रमुख योजनाओं का शुभारंभ किया था। इससे पहले जून 2024 में वाराणसी में पीएम-किसान योजना की 17वीं किस्त जारी की गई थी। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन भी किया था। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों की जानकारी दी थी, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के लिए समर्पित भाव से काम करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया था। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हाल ही में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाई थीं।
जनता की प्रतिक्रिया
राजनाथ सिंह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया, तो कुछ ने सवाल उठाया कि अलग-अलग मंत्री अक्सर अपने मूल विभाग से हटकर दूसरे मुद्दों पर बयान क्यों देते हैं।

















