केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सेमीकॉन 2.0 यानी इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर इस फैसले की जानकारी दी और इसे भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र की बड़ी ताकत बनाने की दिशा में अहम कदम बताया।
अमित शाह ने क्या कहा
अमित शाह ने लिखा कि मंत्रिमंडल की यह मंजूरी नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने की तरफ एक बड़ा कदम है, जिसमें भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी ताकत बनाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत देश में प्रतिभाओं को तराशा जाएगा और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के छह रणनीतिक स्तंभों को मजबूत किया जाएगा, जिससे विनिर्माण से लेकर अनुसंधान तक पूरी श्रृंखला मजबूत होगी।
पहले चरण से आगे का सफर
खबरों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय की एक समिति ने इस योजना के लिए पहले 1.25 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी, जिसके बाद अब मंत्रिमंडल ने अंतिम मुहर लगाते हुए इसे 1.27 लाख करोड़ रुपये यानी करीब 1,27,500 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया। भारत का पहला सेमीकंडक्टर मिशन पहले ही शुरू हो चुका था, और सेमीकॉन 2.0 को उसी मिशन का विस्तारित और मजबूत रूप बताया जा रहा है, जिसका मकसद देश में चिप डिजाइन से जुड़े काम को भी बढ़ावा देना है।
एक ही दिन में और भी बड़े फैसले
इसी बैठक में मंत्रिमंडल ने वाराणसी में जाम की समस्या कम करने के लिए दो एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने को भी मंजूरी दी। इसके अलावा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम और यूरिया निवेश नीति को भी हरी झंडी दी गई, जिससे मोबाइल उपकरण निर्माण और उर्वरक क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जनता की प्रतिक्रिया
अमित शाह की इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिलीजुली रहीं। कई यूजर्स ने इसे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की दिशा में दूरदर्शी फैसला बताते हुए समर्थन जताया, तो वहीं कुछ लोगों ने किसानों की नाराजगी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को उठाते हुए सवाल भी खड़े किए।


















