सेबू में रक्षा सहयोग मजबूत करने पर भारत और फिलीपींस के बीच बनी सहमतिरॉबिनहुड के साथ रिपल की नई साझेदारी के बीच 1.33 डॉलर पर थमी एक्सआरपी की बढ़तब्रिटिश पाउंड में लगातार चौथे दिन फिसलन, 1.3300 के स्तर पर टिका स्टर्लिंगनागौर में मूंछों वाले नाचते बालाजी से लेकर एक आंख वाली प्रतिमा तक, जानिए इन प्रसिद्ध धामों का इतिहासकपड़ा पीएलआई योजना के चौथे चरण के लिए खुला पोर्टल, सरकार ने टर्नओवर की शर्त आधी कीसर्दियों में दुधारू मवेशियों के घटते दूध से बचाएंगे ये जरूरी उपाय, जाने बचाव और खानपान की सही तकनीकराजौरी में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामदबशीरबाग पैलेस में उस्ताद बड़े गुलाम अली खान के आखिरी दिन और हैदराबाद में उनकी मजार की दास्तानपश्चिम बंगाल की राजनीति में गरमागरम बहस, शुभेंदु अधिकारी की ममता बनर्जी को घर बैठने की दो टूक सलाहदीपावली और गुरुपर्व से पहले दीमापुर पुलिस ने तय किए पटाखे चलाने के सख्त नियम
खेल सामग्री विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल की बड़ी सौगात, खेलो इंडिया योजना को मिली मंजूरीनेता जी
28 अक्तू॰ 2026, 8:03 pm (4 घंटे पहले)· 1

खेल सामग्री विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल की बड़ी सौगात, खेलो इंडिया योजना को मिली मंजूरी

नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम देश में खेल उपकरणों के निर्माण क्षेत्र को पूरी तरह बदल देगी। इस नई योजना के तहत विशेष विनिर्माण क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे और एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा।

भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में खेल सामान के विनिर्माण क्षेत्र को नई ऊंचाइयां देने के लिए एक बड़े कदम को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी साझा करते हुए बताया कि खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम इस सेक्टर में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी। सरकार इस योजना के जरिए देश को खेल उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

विशेष विनिर्माण क्षेत्र और बुनियादी ढांचे का विकास

इस योजना के तहत देश भर में खेल सामान के उत्पादन के लिए विशेष विनिर्माण जोन स्थापित किए जाएंगे। इन डेडीकेटेड जोन के बन जाने से मेरठ और जालंधर जैसे पारंपरिक विनिर्माण केंद्रों को लंबे समय से अपेक्षित आधुनिक तकनीक और पैमाना मिल सकेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस बिखरे हुए और असंगठित क्षेत्र को एक मजबूत संगठित औद्योगिक ताकत में बदलना है ताकि उत्पादन लागत कम हो और गुणवत्ता में सुधार हो सके।

एमएसएमई को समर्थन और निवेश के अवसर

इस नई पहल से देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। योजना के जरिए नए निवेश के द्वार खुलेंगे जिससे न केवल घरेलू बाजार मजबूत होगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय खेल उपकरण अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। सरकार इस बात पर जोर दे रही है कि मजबूत वित्तीय सहायता और व्यावसायिक अवसरों के जरिए छोटे निर्माताओं को आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले।

शोध, नवाचार और कौशल विकास पर जोर

केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित न रहते हुए यह योजना अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान देती है। अत्याधुनिक शोध और तकनीकी विकास के माध्यम से नए उत्पादों को बाजार में लाया जाएगा। इसके साथ ही कार्यबल के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि उच्च स्तर की दक्षता हासिल की जा सके और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार हो सके।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस योजना के सामने आने के बाद लोगों ने इसका जोरदार स्वागत किया है और इसे पारंपरिक विनिर्माण केंद्रों के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को किसने मंजूरी दी है?
इस योजना को देश के केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य देश में खेल सामान के विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना और विशेष विनिर्माण जोन स्थापित करना है।
इस योजना से किन पारंपरिक केंद्रों को लाभ मिलेगा?
इससे मेरठ और जालंधर जैसे प्रमुख खेल सामान विनिर्माण केंद्रों को आधुनिक तकनीक और पैमाना मिलेगा।
योजना के तहत किन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा?
इस योजना के तहत विशेष विनिर्माण जोन, एमएसएमई समर्थन, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Divya Reddy@divya-reddy·2 घंटे पहले

मेरठ और जालंधर जैसे पुराने हब्स को आखिरकार मॉडर्न तकनीक मिलने की बात सुनकर अच्छा लगा। छोटे कारीगरों को भी इसका फायदा मिलना चाहिए।

Neha Verma@neha-verma·2 घंटे पहले

दिवya, बिल्कुल सही कहा आपने! मेरठ के उस बाजार में जब मैं खुद गई थी, कारीगरों की मेहनत देखकर लगा था कि इन्हें थोड़े आधुनिक सहारे की सचमुच जरूरत है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp