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विकसित भारत का निर्माण मजबूत वैज्ञानिक नींव और नवाचार पर होगा: नई दिल्ली में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीनेता जी
27 अक्तू॰ 2026, 6:58 pm (5 घंटे पहले)· 1

विकसित भारत का निर्माण मजबूत वैज्ञानिक नींव और नवाचार पर होगा: नई दिल्ली में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि देश का भविष्य वैज्ञानिक अनुसंधान, नई खोजों और नवाचार की भावना पर टिका होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए देश के तकनीकी और वैज्ञानिक भविष्य को लेकर अपनी विजन रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक मजबूत और विकसित भारत की परिकल्पना केवल तभी साकार हो सकती है जब वैज्ञानिक अनुसंधान, नई खोजों और नवाचार के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस आयोजन के दौरान देश की शोध क्षमताओं को विस्तार देने और युवाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

विज्ञान और नवाचार से तय होगी देश की दिशा

आयोजन के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई कि भारत को वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए विज्ञान और तकनीक का सही तालमेल जरूरी है। अंतरिक्ष तकनीक, डिजिटल पब्लिक गुड्स और बायोटेक जैसे क्षेत्रों में देश ने जो प्रगति हासिल की है, वह वैज्ञानिक संस्कृति और दूरदर्शी सोच का परिणाम है। विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का मानना है कि इस तरह के सम्मेलनों से कृषि, शिक्षा और विनिर्माण जैसे अहम क्षेत्रों को नई दिशा मिलती है। सरकार का यह प्रयास है कि प्रयोगशालाओं में होने वाले हर शोध का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे और देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़े।

अनुसंधान और विकास पर बढ़ते निवेश की जरूरत

वैज्ञानिक प्रगति और नवाचार को गति देने के लिए अनुसंधान एवं विकास यानी R&D पर निवेश बढ़ाने को लेकर देश में लगातार चर्चा हो रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP का लगभग 0.8 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र पर खर्च करता है, जो पिछले वर्षों में सुधार के बाद इस स्तर तक पहुंचा है। हालांकि वैश्विक स्तर पर चीन, अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे देश इस मोर्चे पर अपनी जीडीपी का बड़ा हिस्सा खर्च कर रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि देश में शोध कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों और बुनियादी ढांचा को और मजबूत करने की गुंजाइश अभी बनी हुई है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस सम्मेलन और प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। जहां कई नागरिकों ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने अनुसंधान बजट और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को लेकर भी चर्चा की।

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सवाल-जवाब

यह सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था?
यह सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
सम्मेलन का मुख्य विषय क्या था?
सम्मेलन का मुख्य विषय वैज्ञानिक अनुसंधान, नई खोजों और नवाचार की भावना के जरिए विकसित भारत का निर्माण करना था।
भारत अनुसंधान और विकास पर अपनी जीडीपी का कितना हिस्सा खर्च करता है?
आंकड़ों के अनुसार, भारत अपनी जीडीपी का लगभग 0.8 प्रतिशत हिस्सा अनुसंधान और विकास पर खर्च करता है।
इस पहल से किन क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है?
इससे कृषि, शिक्षा और विनिर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·1 घंटे पहले

पिछले महीने जब चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की एक लैब देखने गया था, तो वहाँ के प्रोफेसर साहब बता रहे थे कि फंड की कमी के बावजूद हमारे युवा जुगाड़ और मेहनत से कमाल कर रहे हैं। अगर थोड़ा बजट और बढ़ जाए, तो सच में चीन और अमेरिका से मुकाबला करना मुश्किल नहीं होगा।

Meera Joshi@meera-joshi·1 घंटे पहले

विज्ञान और नवाचार की बातें सुनकर अच्छा लगा, लेकिन असल सवाल यह है कि क्या हमारा एजुकेशन सिस्टम वाकई युवाओं को किताबों की रटंत विद्या से निकालकर असली रिसर्च और सोच के काबिल बना रहा है?

Rohan Gupta@rohan-gupta·2 घंटे पहले

जीडीपी का 0.8 प्रतिशत आरएंडडी पर खर्च करना काफी कम है। जब तक स्टार्टअप्स और डीप-टेक लैब्स को तगड़ा फंड नहीं मिलेगा, विकसित भारत का सपना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·2 घंटे पहले

विज्ञान और नवाचार की बातें सुनकर अच्छा लगा, लेकिन क्या हमारे यहां शोध के लिए मिलने वाला बजट सचमुच जमीनी स्तर पर उन वैज्ञानिकों तक पहुँच पाता है जो छोटे शहरों की प्रयोगशालाओं में काम कर रहे हैं?

Vikram Yadav@vikram-yadav·2 घंटे पहले

आदित्य जी, बिल्कुल सही सवाल उठाया आपने। छोटे शहरों की लैब्स का हाल वाकई खराब है, बजट सिर्फ कागजों पर दिखता है।

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