नरेंद्र मोदी ने उडुपी स्थित श्री पेजावर अधोक्षज मठ के पूज्य श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी तथा अन्य गणमान्य संतों से औपचारिक भेंट की। इस विशेष बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं सामाजिक उपलक्ष्य को रेखांकित किया गया। नरेंद्र मोदी ने इस गरिमामय मुलाकात की जानकारी सार्वजनिक मंच पर साझा करते हुए संतों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
जन्म शताब्दी समारोह के प्रतीक चिह्न का विमोचन
इस मुलाकात के मुख्य आकर्षण के रूप में पद्म विभूषण यतिकुल चक्रवर्ती श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के जन्म शताब्दी महोत्सव के आधिकारिक लोगो का अनावरण संपन्न हुआ। नरेंद्र मोदी ने उपस्थित संतों और गणमान्य अतिथियों के सानिध्य में इस प्रतीक चिह्न को लोकार्पित किया। यह प्रतीक आगामी शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित होने वाले सभी स्मरण कार्यक्रमों और सेवा अभियानों का प्रमुख प्रतिनिधित्व करेगा।
श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी का सेवामय जीवन दर्शन
समारोह के अवसर पर श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के महान योगदान को याद किया गया। नरेंद्र मोदी ने रेखांकित किया कि स्वामीजी का संपूर्ण जीवन अनन्य भक्ति, गहन ज्ञान और निस्वार्थ लोक सेवा का एक अद्वितीय संगम रहा है। उनका संपूर्ण जीवन दर्शन समाज के अनगिनत नागरिकों को निरंतर सत्कर्म, अध्यात्म और राष्ट्र उत्थान के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। उडुपी के पेजावर मठ द्वारा संचालित जनहितकारी कार्यों की निरंतरता को भी इस अवसर पर सराहा गया।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी द्वारा साझा की गई इस जानकारी के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई नागरिकों ने जहां पूज्य स्वामीजी के समाज कल्याणकारी योगदान की सराहना करते हुए इस पहल को गौरवशाली बताया, वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने समसामयिक राजनीति और अन्य विषयों को लेकर टिप्पणियां कीं।



























