उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मॉनसून की सुस्त रफ्तार के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। राज्य में फिलहाल मानसूनी गतिविधियां काफी धीमी पड़ चुकी हैं, जिसके चलते अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आकलन के अनुसार 23 सितंबर को केवल चुनिंदा पहाड़ी जिलों में बहुत हल्की फुहारें या छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जबकि बाकी सभी हिस्सों में धूप खिली रहेगी। हालांकि, यह शांति ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है, क्योंकि 24 सितंबर से बारिश के दायरे में विस्तार दर्ज होगा और 25 सितंबर से पूरे प्रदेश में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का एक नया चक्र शुरू होने के आसार बन रहे हैं।
मैदानी जिलों में तेज धूप और उमस से आम जनजीवन प्रभावित
पिछले चौबीस घंटों के दौरान दर्ज किए गए तापमान के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि मैदानी क्षेत्रों में पारा सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच गया है। बादलों के छंटने और कड़ी धूप निकलने के कारण दोपहर के वक्त हरिद्वार, उधम सिंह नगर और राजधानी देहरादून के निचले इलाकों में लोगों को असहज करने वाली गर्मी और तीखी तपिश का सामना करना पड़ रहा है। लगातार वर्षा न होने की वजह से वायुमंडल में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को पसीने से तरबतर कर रही है। दूसरी तरफ, ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य बना हुआ है, जिसके चलते वहां सुबह और शाम के समय हल्की गुलाबी ठंडक दस्तक देने लगी है। 23 सितंबर और 24 सितंबर को तापमान के मिजाज में बहुत ज्यादा फेरबदल नहीं दिखेगा, यानी मैदानों में तेज धूप का असर जारी रहेगा।
देहरादून और हरिद्वार में साफ आसमान और तपिश बरकरार
राजधानी देहरादून और तीर्थनगरी हरिद्वार में 23 सितंबर को वर्षा होने की संभावना न के बराबर है। सुबह से ही सूरज के तेवर तल्ख रहने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी महसूस की जा रही है। दून घाटी में पिछले दो से तीन दिनों से पानी की एक बूंद नहीं गिरी है, जिसके चलते हवा में उच्च आर्द्रता बनी हुई है और लोग उमस की मार झेल रहे हैं। हरिद्वार तथा रुड़की की मैदानी पट्टी में भी बादलों का जमावड़ा नहीं दिख रहा है। 24 सितंबर तक इन दोनों जनपदों में बारिश से किसी भी प्रकार की फौरी राहत मिलने के आसार नहीं हैं, इसलिए स्थानीय राहगीरों और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को दिनभर धूप और चिपचिपी गर्मी से जूझना पड़ेगा।
कुमाऊं मंडल में 25 सितंबर से तेज आंधी और भारी वर्षा का खतरा
पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र माने जाने वाले नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में 23 सितंबर का दिन सुहावना और धूप से भरा रहेगा। कुमाऊं क्षेत्र के इन प्रमुख शहरों में फिलहाल किसी बड़ी मानसूनी हलचल के संकेत नहीं हैं। 24 सितंबर को स्थिति थोड़ी बदलेगी और नैनीताल, चम्पावत और उधम सिंह नगर में छिटपुट बूंदें गिर सकती हैं। हालांकि, असली मौसमी संकट 25 सितंबर से खड़ा होगा, जब पूरे कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में तेज रफ्तार झोंकेदार हवाएं चलने लगेंगी। इन जिलों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही तीव्र बौछारों का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर हल्की फुहारें और ठंडक का अहसास
गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में 23 सितंबर को गरज के साथ बहुत हल्की वर्षा अथवा छींटे पड़ने का अनुमान लगाया गया है। प्रमुख तीर्थस्थलों केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के इर्द-गिर्द आंशिक तौर पर बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी, जिसके कारण वहां तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और वातावरण में ठंडक घुली हुई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक इस समय यात्रा मार्गों पर यातायात को रोकने वाली कोई बड़ी मौसमी बाधा मौजूद नहीं है। इसके बावजूद, ऊंचे और संवेदनशील भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से गुजरते समय तीर्थयात्रियों और वाहन चालकों को विशेष रूप से चौकस रहने की ताकीद की गई है।
पिथौरागढ़ और बागेश्वर की घाटियों में स्थानीय बादलों की हलचल
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ और बागेश्वर में स्थानीय संवहनीय बादलों के विकसित होने की वजह से 23 सितंबर को दोपहर के बाद कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बादलों की गड़गड़ाहट के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इन दोनों जिलों की नदी घाटियों में तापमान सामान्य बना हुआ है, जबकि हिमालय की ऊंची चोटियों से सटी बस्तियों में सर्द हवाएं चलने लगी हैं। 24 सितंबर को भी इन सीमांत इलाकों में यही ढर्रा जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और मुसाफिरों को 25 और 26 सितंबर के लिए पूरी तरह सचेत रहना होगा, क्योंकि उस दौरान यहां व्यापक और भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है।
24 सितंबर तक धीमी रफ्तार, फिर 25 और 26 सितंबर को विकराल रूप
मौसम के बदलते चक्र के अनुसार 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सुस्त रहेंगी। इस दिन उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की बात कही गई है। असली बदलाव 25 सितंबर को दर्ज होगा, जब बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में आकाशीय बिजली गिरने, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं के चलने और तीव्र से अति तीव्र वर्षा के दौर आने की चेतावनी लागू रहेगी। इसके बाद सप्ताहांत में मौसम और ज्यादा आक्रामक रूप ले सकता है। 26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और उधम सिंह नगर में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर आशंका जताई गई है। उसी दिन अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। राज्य के सभी 13 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। राहत की बात यह है कि इस तीव्र दौर के बीतने के बाद 27 और 28 सितंबर को अधिकांश इलाकों में केवल हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा जारी रहने का अनुमान है।





















