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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की स्थिति पर अखिलेश यादव का तंज, गिनीज बुक में दर्ज कराने की कही बातनेता जी
22 सित॰ 2026, 10:24 am (1 घंटे पहले)· 0

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की स्थिति पर अखिलेश यादव का तंज, गिनीज बुक में दर्ज कराने की कही बात

सपा नेता अखिलेश यादव ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की खस्ताहाली का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा और गड्ढों को लेकर तंज कसा।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानपुर और लखनऊ के बीच तैयार हुए नए एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और खस्ताहाल स्थिति को लेकर सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया मंच X पर अपनी बात साझा करते हुए उन्होंने इस मार्ग पर बने गड्ढों का मुद्दा उठाया और तंजिया लहजे में कहा कि शासन को पहले टूटे हुए बुनियादी ढांचे की मरम्मत करानी चाहिए, उसके बाद ही अन्य इलाकों को जोड़ने की योजनाएं बनानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राज्य में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और जनसंवाद तेज हो गया है।

गड्ढों को लेकर गिनीज बुक का जिक्र

अखिलेश यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि राज्य की परेशान जनता अब यह कहने लगी है कि वर्तमान शासनकाल में निर्मित कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का नाम सबसे अधिक गड्ढों वाले मार्ग के तौर पर गिनीज बुक में दर्ज कराया जाना चाहिए। उन्होंने आगे व्यंग्य करते हुए यह भी जोड़ा कि लोग इस बदहाली को देखकर मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। एक्सप्रेसवे के निर्माण और रखरखाव पर सवाल उठाते हुए उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि आधुनिक गति गलियारे के दावों के विपरीत धरातल पर यात्रियों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर उठते सवाल

इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा के समय को घटाने और दोनों बड़े शहरों के बीच आवागमन को बेहद सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। हालांकि, सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उभरने और मरम्मत की आवश्यकता पड़ने के कारण यात्रियों के बीच सुरक्षा और निर्माण मानकों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। सड़क पर यात्रा करने वाले नागरिकों को उम्मीद थी कि यह मार्ग विश्वस्तरीय गति और सुविधा उपलब्ध कराएगा, लेकिन बार-बार सामने आ रही टूट-फूट ने निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि तेज गति से काम पूरा करने की जल्दबाजी में गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता किया गया है।

कानपुर के बारे में

कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले में बसा एक प्रमुख औद्योगिक महानगर है, जिसे राज्य की औद्योगिक राजधानी भी कहा जाता है। यह ऐतिहासिक शहर पवित्र गंगा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है और राज्य की राजधानी लखनऊ से लगभग 80 किलोमीटर पश्चिम में पड़ता है। पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी इस क्षेत्र का खास महत्व है, जहां बिठूर (ब्रह्मावर्त) के उत्तर मध्य में स्थित ध्रुवटीला त्याग और कठोर तपस्या का संदेश देने के लिए प्रसिद्ध है।

जनता की प्रतिक्रिया

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कई लोगों ने एक्सप्रेसवे की खस्ताहाली और निर्माण में लापरवाही के आरोपों का पुरजोर समर्थन किया, वहीं कई अन्य उपयोगकर्ताओं ने पलटवार करते हुए पिछली सरकारों के कार्यकाल की सड़कों की स्थिति याद दिलाई और कहा कि बारिश के बाद बुनियादी ढांचे की नियमित मरम्मत एक सामान्य प्रक्रिया है।

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सवाल-जवाब

अखिलेश यादव ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर क्या कहा?
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे पर बने गड्ढों को देखते हुए इसका नाम गिनीज बुक में सबसे ज्यादा गड्ढों वाले मार्ग के रूप में दर्ज कराया जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने यह बयान किस माध्यम से दिया?
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट लिखकर सरकार के बुनियादी ढांचे के दावों पर सवाल खड़े किए।
कानपुर शहर का क्या महत्व है?
कानपुर गंगा नदी के तट पर बसा उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक महानगर है, जो लखनऊ से लगभग 80 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।
इस बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स की क्या प्रतिक्रिया रही?
लोगों की राय बंटी रही, जहां कुछ ने सड़क की गुणवत्ता पर सहमति जताई, वहीं अन्य ने पिछली सरकारों के काम का हवाला देते हुए पलटवार किया।
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