नयी दिल्ली में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नयी दिल्ली में प्रहार आतंकवाद रोधी नीति और रणनीति सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने के लिए अपनाए जा रहे कड़े उपायों की समीक्षा की गई।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत सरकार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से काम कर रही है। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश में आतंकवाद के दायरे को काफी हद तक सीमित कर दिया गया है। सरकार के इन ठोस कदमों से आम नागरिकों की सुरक्षा में उल्लेखनीय मजबूती आई है और सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता में वृद्धि हुई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों का विस्तार
भारत सरकार लगातार विभिन्न मंचों और सम्मेलनों के माध्यम से अपनी आतंकवाद विरोधी रणनीतियों को धार दे रही है। हाल के महीनों में देश के भीतर राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों को लेकर कई उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की गई हैं। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर करना और देश की सीमाओं व आंतरिक क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखना है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस सम्मेलन और सोशल मीडिया पोस्ट पर आम जनता की ओर से मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली, जहां कई नागरिकों ने आतंकवाद के खिलाफ इस कठोर नीति का समर्थन किया तो कुछ लोगों ने स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।


























