उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य और कानून व्यवस्था में आए बदलाव को रेखांकित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के पुराने राजनीतिक दौर और वर्तमान विकास कार्यों की तुलना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस राज्य में पहले गैरकानूनी गतिविधियों और अपराध का बोलबाला रहता था, वही प्रदेश अब आधुनिक तकनीक, रक्षा उत्पादन और विनिर्माण क्षेत्र का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।
सपा और बसपा के शासनकाल पर तीखा हमला
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में उत्तर प्रदेश की पहचान गलत कारणों से होती थी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के शासन में राज्य में अपराध एक उद्योग की तरह संचालित होता था। वाहनों की चोरी एक कुटीर उद्योग का रूप ले चुकी थी और नौजवानों को झपटमारी जैसे अपराधों की ओर धकेला जाता था। उनके अनुसार पिछली व्यवस्थाओं ने युवाओं की ऊर्जा को गलत दिशा में झोंक दिया था, जिससे आम नागरिक असुरक्षित महसूस करते थे।
डिफेंस कॉरिडोर और आधुनिक विनिर्माण का नया केंद्र
अतीत की स्थितियों की तुलना मौजूदा परियोजनाओं से करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य अब बुनियादी ढांचे और भारी उद्योगों के क्षेत्र में नई इबारत लिख रहा है। जिस जमीन पर कभी आपराधिक नेटवर्क फलते-फूलते थे, आज वहां उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही वाहन निर्माण इकाइयों और अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना की जा रही है। इन पहलों के जरिए प्रदेश को रक्षा उपकरणों और आधुनिक तकनीकी निर्माण का राष्ट्रीय हब बनाया जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए वैध और सम्मानजनक रोजगार के रास्ते खुल रहे हैं।
अमित शाह ने क्या कहा
अमित शाह ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर कहा,
"सपा-बसपा के शासन में उत्तर प्रदेश में अपराध की इंडस्ट्री चलती थी, वाहन चोरी का कुटीर उद्योग था और युवाओं को चेन स्नैचिंग का हुनर सिखाया जाता था।"उन्होंने आगे जोर दिया कि वर्तमान समय में उसी धरती पर बड़े विनिर्माण संयंत्र और रक्षा गलियारे आकार ले रहे हैं। इसके जरिए उन्होंने यह संदेश दिया कि अवैध तमंचा संस्कृति की जगह अब अत्याधुनिक मिसाइल और रक्षा प्रणालियों के निर्माण ने ले ली है, जिससे राज्य का औद्योगिक ढांचा पूरी तरह बदल चुका है।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश जनसंख्या के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा और क्षेत्रफल के आधार पर देश का चौथा सबसे विशाल राज्य है। लखनऊ इस राज्य की प्रशासनिक एवं विधायी राजधानी है, जबकि प्रयागराज न्यायिक राजधानी के रूप में कार्य करता है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर इसके अन्य प्रमुख आर्थिक व सांस्कृतिक शहर हैं। भौगोलिक दृष्टि से इसके उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पूर्व में बिहार और झारखंड स्थित हैं। इसके अलावा राज्य की उत्तरी सीमा पड़ोसी देश नेपाल से भी लगती है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस बयान के सामने आने के बाद नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कुछ लोगों ने राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की सराहना की, वहीं अन्य उपयोगकर्ताओं ने कागजी दावों से इतर जमीनी स्तर पर युवाओं के लिए वास्तविक रोजगार के अवसर बढ़ाने और वादों को पूरी तरह पूरा करने की मांग उठाई।



























