बिहार की राजधानी पटना में आयोजित कांग्रेस के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिए गए इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर तीखी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने मर्यादा की सभी सीमाएं तोड़ दी हैं। इधर घटना के विरोध में पटना के स्थानीय कोतवाली थाने में कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ औपचारिक पुलिस शिकायत भी दर्ज करा दी गई है।
पटना के कार्यक्रम में कैसे भड़का विवाद
रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन चल रहा था। इस दौरान मंच से भाषण दे रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इसी बीच जनसभा की भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने जोर से आवाज लगाई कि मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे और सत्ता में बने रहेंगे। इस व्यवधान से मंच पर मौजूद नेता असहज हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाराज होकर खरगे ने प्रधानमंत्री के पिता का जिक्र करते हुए अनुचित शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। इसके तुरंत बाद सभा स्थल पर भारी हंगामा खड़ा हो गया और कथित तौर पर विरोध जताने वाले युवक के साथ कुछ कार्यकर्ताओं ने मारपीट भी की।
अमित शाह का कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा हमला
इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा एतराज जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। शाह ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंचों से मर्यादा का इस तरह उल्लंघन बेहद अशोभनीय है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनके परिजनों को अपने अपशब्दों का निशाना बनाया हो। शाह ने पुराने संदर्भों को याद दिलाते हुए कहा कि इससे पहले भी मोदी की स्वर्गीय माताजी को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था और राजनीतिक हमलों के दौरान उन्हें बार-बार निशाना बनाया जाता रहा है।
बिहार की राजनीति में उबाल और कानूनी कार्रवाई
खरगे के विवादित बयान के सामने आते ही बिहार के प्रमुख नेताओं ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे कांग्रेस की हताशा का प्रतीक बताया। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने मामले को लेकर कानूनी रास्ता चुना और पटना के कोतवाली पुलिस थाने में खरगे के खिलाफ लिखित आवेदन सौंपकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पूरे मामले के वीडियो फुटेज और शिकायत के तथ्यों की विधिवत जांच कर रहे हैं।
पटना के बारे में
पटना भारत के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक शहरों में से एक है, जो वर्तमान में बिहार राज्य की राजधानी तथा राज्य का सबसे बड़ा नगर है। ऐतिहासिक दस्तावेजों में इसे पाटलिपुत्र, पुष्पपुरी और कुसुमपुर के नाम से भी जाना जाता रहा है। मध्यकाल में मुगल शासन के दौर में इस शहर को 'अज़ीमाबाद' नाम दिया गया था। गंगा नदी के किनारे बसा यह शहर सदियों से उत्तर भारत के प्रमुख राजनीतिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्रों में शुमार रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस पूरे विवाद को लेकर आम जनता में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कई लोगों ने सार्वजनिक विमर्श में शिष्टाचार बनाए रखने और नेताओं द्वारा व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचने की वकालत की, वहीं कुछ अन्य उपयोगकर्ताओं ने दोनों पक्षों के पुराने राजनीतिक बयानों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग उठाई।


























