राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह के अवसर पर देश भर में विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। इसी सिलसिले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी बात रखते हुए अमित शाह ने नागपुर में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक मौके पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का बहुत मजबूत संदेश दिया है।
नागपुर में हुआ आयोजन
यह पूरा आयोजन महाराष्ट्र के नागपुर शहर में संपन्न हुआ। नागपुर भारत के महाराष्ट्र राज्य का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और देश के बिल्कुल मध्य में स्थित है। इस शहर को महाराष्ट्र की उपराजधानी होने का विशेष दर्जा भी प्राप्त है, जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक स्थान बनाता है। शताब्दी वर्ष के इस बड़े कार्यक्रम के लिए इसी ऐतिहासिक शहर को चुना गया था जहाँ परंपराओं के अनुसार विभिन्न अनुष्ठान और उत्सव आयोजित किए गए।
मोहन भागवत का संदेश
कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने देश को खंडित करने और समाज में अशांति फैलाने वाली ताकतों से हमेशा सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप से व्यवस्था या परिस्थितियां नहीं बदली जा सकती हैं। इसके अलावा उन्होंने समाज में आपसी एकता बनाए रखने और वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में काम करने की बात कही।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जहां कुछ लोगों ने पर्व और परंपराओं की शुभकामनाएं दीं तो कुछ ने इस पर अलग राजनीतिक टिप्पणियां भी कीं।


























