देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी आईटीबीपी के सभी कर्मियों को उनके स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने अपने संदेश में बल के जवानों को हिमवीर कहकर संबोधित किया और उनके अदम्य साहस को देश की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बताया।
बर्फीले पहाड़ों पर तैनात जवानों की वीरता
गृह मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इन वीर जवानों की बहादुरी की गूंज देश की बर्फीली और दुर्गम पर्वत श्रृंखलाओं में साफ सुनाई देती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये जवान देश की संप्रभुता के सामने आने वाले हर खतरे को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देते हैं। सबसे कठिन और प्रतिकूल मौसम में भी इनकी अटूट सहनशक्ति भारत के फौलादी इरादों और मजबूत संकल्प को दर्शाती है.
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का गौरवशाली इतिहास
आईटीबीपी के स्थापना दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने बल के योगदान को याद किया है। इस विशेष बल का गठन भारत-चीन युद्ध के तुरंत बाद 24 अक्टूबर 1962 को किया गया था। तब से लेकर आज तक इस बल ने देश की उत्तरी सीमाओं की रक्षा में असाधारण लचीलापन, कर्तव्यनिष्ठा और पेशेवर उत्कृष्टता का परिचय दिया है। सुदूर और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात ये जवान देश के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करते हैं।
शीर्ष नेतृत्व और मंत्रियों की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों ने भी इस अवसर पर आईटीबीपी के हिमवीरों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने बल के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि भारत-चीन सीमा प्रबंधन के मोर्चे पर इन जवानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार और देश का नेतृत्व हर परिस्थिति में इन सुरक्षाकर्मियों के साथ खड़ा है और उनके सेवा भाव को सर्वोच्च सम्मान देता है।
आम जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
इस स्थापना दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर आम नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। कई उपयोगकर्ताओं ने जवानों के कठिन परिश्रम और बलिदान की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया, वहीं कुछ लोगों ने सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय और सवाल भी सामने रखे।

























