रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक मदनलाल ढींगरा की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में रक्षा मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी के अदम्य साहस और देशप्रेम को नमन किया। उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए इस वीर क्रांतिकारी ने हँसते-हँसते अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।
लंदन में ब्रिटिश हुकूमत को दी थी चुनौती
पंजाब के अमृतसर में जन्मे मदनलाल ढींगरा स्वतंत्रता आंदोलन के उन अग्रदूतों में शामिल थे, जिन्होंने विदेशी धरती पर जाकर अंग्रेजी सत्ता की नींव हिला दी थी। उच्च शिक्षा के लिए लंदन गए ढींगरा ने वहां भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अलख जगाई। महज 26 वर्ष की अल्प आयु में उन्होंने लंदन में ब्रिटिश अधिकारी कर्जन वायली की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिससे पूरे ब्रिटिश साम्राज्य में हड़कंप मच गया था।
अदालत में निर्भीकता से मांगी थी फांसी की सजा
ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ इस साहसपूर्ण कदम के बाद जब उन पर मुकदमा चलाया गया, तो उन्होंने जरा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई। रक्षा मंत्री ने अपनी पोस्ट में विशेष रूप से उल्लेख किया कि अदालत की कार्यवाही के दौरान ढींगरा ने निर्भीक होकर अपने लिए फांसी की सजा की मांग की थी। उन्होंने किसी भी प्रकार की दया याचिका से इनकार करते हुए मातृभूमि की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री के इस संदेश के बाद आम नागरिकों ने भी शहीद मदनलाल ढींगरा के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और श्रद्धा व्यक्त की। नागरिकों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अमर शहीद ढींगरा का महान त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की अमर ज्वाला प्रज्वलित रखता रहेगा।



























