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राजनीति में भाषा की मर्यादा टूटने पर राजनाथ सिंह ने जताई गहरी चिंतानेता जी
17 अग॰ 2026, 11:11 pm (1 घंटे पहले)· 3

राजनीति में भाषा की मर्यादा टूटने पर राजनाथ सिंह ने जताई गहरी चिंता

राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के जीवन का हवाला देते हुए राजनीति में भाषा की गिरती मर्यादा पर गहरी चिंता जताई।

राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए राजनीति में भाषा के गिरते स्तर पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के जीवन और उनकी कार्यशैली का जिक्र करते हुए सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

राजनाथ सिंह ने पोस्ट में क्या कहा

राजनाथ सिंह ने लिखा कि वेंकैया जी के जीवन और उनकी कार्यशैली से सभी को एक बात जरूर सीखनी चाहिए, वह है सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना। उन्होंने आगे लिखा कि आजकल राजनीतिक बहस की भाषा में जिस तरह की गिरावट देखने को मिल रही है, वह सिर्फ चिंता की बात नहीं बल्कि शर्म की भी बात है। पोस्ट में इसके बाद उन्होंने यह भी लिखना शुरू किया कि वे किसी निचले स्तर की राजनीति में उतरने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन पोस्ट का यह हिस्सा एक लिंक के साथ अधूरा नजर आता है, जिसमें आगे की पूरी बात सामने नहीं आ पाई। इस पूरी पोस्ट का लहजा नसीहत भरा रहा, जिसमें राजनीति में बढ़ती तीखी और अभद्र भाषा को लेकर सीधी नाराजगी झलकती है।

वेंकैया नायडू का सार्वजनिक जीवन और उनकी पहचान

एम. वेंकैया नायडू लंबे समय तक भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे हैं और पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर काम कर चुके हैं। उनके जीवन पर लिखी गई तीन किताबों का विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, जो उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, उनके अनुभवों और योगदान को दर्ज करती हैं। राजनाथ सिंह ने अपनी पोस्ट में जिस कार्यशैली और भाषा की मर्यादा का हवाला दिया, वह लंबे समय से वेंकैया नायडू की पहचान का अहम हिस्सा मानी जाती रही है। वे अपने भाषणों और सार्वजनिक टिप्पणियों में शब्दों के चुनाव और शालीनता को लेकर खास तौर पर जाने जाते रहे हैं, और यही वजह है कि उनका उदाहरण आज के राजनीतिक माहौल के संदर्भ में सामने रखा गया।

जनता की प्रतिक्रिया

राजनाथ सिंह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने भाषा की मर्यादा को लेकर की गई इस टिप्पणी का समर्थन किया और इसे मौजूदा राजनीतिक माहौल के लिए जरूरी और सामयिक बताया। वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह नसीहत सत्ताधारी नेताओं और सरकार के अपने आचरण पर भी उतनी ही लागू होनी चाहिए। कई उपयोगकर्ताओं ने पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए अपने क्षेत्र से जुड़े अलग-अलग मुद्दे भी उठाए, जबकि कुछ ने सीधे तौर पर पोस्ट के संदेश की सराहना करते हुए इसे राजनीति में जरूरी बदलाव की मांग बताया।

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सवाल-जवाब

राजनाथ सिंह ने यह पोस्ट कहां शेयर की?
उन्होंने यह पोस्ट सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने अकाउंट से शेयर की।
पोस्ट में राजनाथ सिंह ने किसके जीवन का जिक्र किया?
उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के जीवन और उनकी कार्यशैली का जिक्र किया।
राजनाथ सिंह की चिंता की मुख्य वजह क्या थी?
उन्होंने आज की राजनीति में भाषा के गिरते स्तर और बढ़ती अभद्रता को चिंताजनक और शर्मनाक बताया।
क्या राजनाथ सिंह की पूरी पोस्ट सामने आई?
नहीं, पोस्ट का आखिरी हिस्सा एक लिंक के साथ अधूरा नजर आता है, जिसमें पूरा वाक्य सामने नहीं आया।
वेंकैया नायडू के जीवन पर किताबें किसने जारी कीं?
उनके जीवन पर लिखी गई तीन किताबों का विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
कुछ यूजर्स ने टिप्पणी का समर्थन किया, तो कुछ ने सत्ताधारी नेताओं और सरकार के आचरण पर भी सवाल उठाए।
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