प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण राजनयिक दौरे पर रवाना हुए, जिसके तहत वे पहले एक ऐतिहासिक यात्रा पर नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंचे और फिर ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर पहुंचे। ओस्लो की यह यात्रा पिछले चार दशकों से भी अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा है, जो नॉर्डिक क्षेत्र के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके बाद, प्रधानमंत्री मेलबर्न पहुंचे जहां उनका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देना और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय से संवाद करना है।
ओस्लो में चार दशकों बाद ऐतिहासिक कदम
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन भारतीय विदेश नीति के लिए एक मील का पत्थर है। पिछले चालीस से अधिक वर्षों में यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे की यात्रा पर गया है। इस ऐतिहासिक दौरे का उद्देश्य हरित ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। इस यात्रा से भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
मेलबर्न में संबंधों को मिलेगी नई ताकत
यूरोप के अपने ऐतिहासिक दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंचे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत और गतिशील बनाना है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है।
प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय बैठकें और भारतीय समुदाय से मुलाकात
ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और व्यापारिक समझौतों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने इस दौरे पर भारतीय प्रवासियों की भूमिका को भी विशेष रूप से रेखांकित किया है।
सोशल मीडिया पर अपनी उत्सुकता साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि वे मेलबर्न पहुंच चुके हैं और यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करेगी। उन्होंने आगे कहा कि वे प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं। साथ ही, उन्होंने भारतीय प्रवासियों से मिलने की इच्छा भी जताई और उन्हें दोनों देशों के बीच के मजबूत संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।


















