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श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मोदी ने शेयर किया भावुक संदेशनेता जी
6 जुल॰ 2026, 9:20 am (45 दिन पहले)· 3

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मोदी ने शेयर किया भावुक संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए संस्कृत श्लोक साझा किया, जिसमें उन्होंने मुखर्जी के बलिदान को हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा कि भारतवर्ष की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए डॉ. मुखर्जी का बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा, और साथ में एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कौन थे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जनसंघ के संस्थापक के तौर पर जाना जाता है। उनकी पहचान इस नारे से बनी, एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे। खबरों के मुताबिक वे अपने समय से आगे की सोच रखते थे और उन्होंने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया था। यही वजह है कि हर साल उनके जन्म और बलिदान से जुड़े दिन पर देशभर में उन्हें याद किया जाता है।

मोदी के पोस्ट में क्या था

अपने पोस्ट में नरेंद्र मोदी ने लिखा, भारतवर्ष की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। इसके बाद उन्होंने एक संस्कृत श्लोक साझा किया, जयन्ति ते सुकृतिनो रससिद्धाः कवीश्वराः। नास्ति येषां यशःकाये जरामरणजं भयम्॥ इस श्लोक का भावार्थ यह है कि जिन महापुरुषों और कवियों ने अपने पुण्य कर्मों से समाज का भला किया, उनकी कीर्ति सदा जीवित रहती है और उनके यश को बुढ़ापे या मृत्यु का भय कभी नहीं सताता। मोदी ने इसी भाव से डॉ. मुखर्जी के योगदान को अमर बताने की कोशिश की।

बलिदान दिवस पर देशभर में जुटी श्रद्धांजलियां

डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा ने देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए। बाह नगर मंडल के बूथों पर भी विशेष कार्यक्रम हुए, जहां कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसी मौके पर उनके नाम पर एक पार्क बनाने की घोषणा भी की गई। रांची में भी भाजपा नेताओं ने जनसंघ के संस्थापक को श्रद्धांजलि दी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने भी बलिदान दिवस पर डॉ. मुखर्जी को नमन किया। नेता घनश्याम तिवारी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया था।

125वीं जयंती पर भी उमड़ी श्रद्धांजलि

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर भी देश के कई बड़े नेताओं ने उन्हें याद किया। इनमें ओम बिरला और राजनाथ सिंह जैसे प्रमुख नेता शामिल रहे, जिन्होंने अलग-अलग मंचों से डॉ. मुखर्जी के योगदान को याद किया। नरेंद्र मोदी का यह पोस्ट भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने डॉ. मुखर्जी के बलिदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

जनता की प्रतिक्रिया

मोदी के इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिलीजुली रहीं। बड़ी संख्या में लोगों ने डॉ. मुखर्जी के बलिदान और विचारों की सराहना करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, वहीं कुछ लोगों ने इस पोस्ट के बहाने देश की मौजूदा स्थिति, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर भी अपनी चिंता जाहिर की।

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सवाल-जवाब

नरेंद्र मोदी ने एक्स पर क्या पोस्ट किया?
उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए लिखा कि उनका बलिदान देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा, और साथ में एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कौन थे?
वे जनसंघ के संस्थापक थे और एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे के नारे के लिए जाने जाते हैं।
मोदी ने जो श्लोक साझा किया उसका क्या मतलब है?
श्लोक का भावार्थ है कि पुण्य कर्म करने वाले महापुरुषों और कवियों की कीर्ति सदा जीवित रहती है और उनके यश को बुढ़ापे या मृत्यु का भय नहीं होता।
डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस पर क्या-क्या हुआ?
भाजपा ने बाह नगर मंडल सहित देशभर के बूथों पर कार्यक्रम किए, उनके नाम पर पार्क बनाने की घोषणा हुई और रांची व छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
125वीं जयंती पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
ओम बिरला और राजनाथ सिंह समेत कई प्रमुख नेताओं ने डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें याद किया।
लोगों ने मोदी के पोस्ट पर कैसी प्रतिक्रिया दी?
ज्यादातर लोगों ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी, जबकि कुछ ने इस मौके पर देश की मौजूदा स्थिति को लेकर अपनी चिंता भी जताई।
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