राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के पावन अवसर पर देश के तमाम नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विशेष संदेश साझा किया। उन्होंने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि यह दिन देश के लिए बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह वही ऐतिहासिक क्षण है जब भारत के चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक कदम रखा था और इतिहास रच दिया था।
इसरो के वैज्ञानिकों का अतुलनीय योगदान
अमित शाह ने अपने संदेश में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो के सभी वैज्ञानिकों की बुद्धिमत्ता, कड़ी मेहनत और समर्पण की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर समय की रेत पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उनकी इस महान उपलब्धि ने पूरी दुनिया में भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है, जिसे देशवासी कभी नहीं भूल सकते।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस और चंद्रयान-3 की सफलता का जश्न
यह दिन केवल चंद्रयान-3 की सफलता का जश्न मनाने का नहीं है, बल्कि देश के संपूर्ण अंतरिक्ष इतिहास और भविष्य की संभावनाओं को देखने का भी अवसर है। भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया है, वह दशकों की मेहनत और वैज्ञानिकों के अटूट संकल्प का परिणाम है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला भारत दुनिया का पहला देश बनकर उभरा है, जिसने वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के साथ बैठक
इस बीच, राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न अंतरिक्ष स्टार्टअप्स से मुलाकात की और उनकी ऊर्जा तथा महत्वाकांक्षाओं की खुलकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश की अंतरिक्ष यात्रा को याद करते हुए कहा कि भारत को अब और भी बड़े सपने देखने की जरूरत है। उन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता को सलाम करते हुए युवा उद्यमियों और वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। इस मुलाकात के दौरान देश के अंतरिक्ष उद्योग में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी और नवाचार पर भी विशेष जोर दिया गया।
जनता की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के इस अवसर पर सोशल मीडिया पर लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं, जहां एक तरफ देश की इस महान वैज्ञानिक उपलब्धि पर गर्व जताया गया, वहीं दूसरी तरफ अंतरिक्ष क्षेत्र की भविष्य की दिशा और नीतियों को लेकर विभिन्न चर्चाएं भी देखने को मिलीं।



























