रामपुर की रहने वाली मोना चावला पिछले 50 वर्षों से लगातार अचार बनाने का काम संभाल रही हैं। वह घर पर ही अलग-अलग किस्म के स्वादिष्ट अचार तैयार करती हैं और उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाकर बेचती भी हैं। उनके अनुभव के अनुसार पानी वाला मिर्च का अचार उन लोगों के लिए बेहद खास विकल्प है जिन्हें बहुत ज्यादा तेल वाले अचार खाना पसंद नहीं होता है। इस विशेष विधि से बनने वाले अचार में तेल की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद इसका स्वाद और चटपटापन भरपूर बना रहता है। हरी मिर्च, चुनिंदा मसालों और नींबू पानी के मेल से तैयार होने वाला यह अचार भोजन की थाली में एक अलग ही जायका जोड़ देता है और इसे घर की रसोई में बहुत ही आसानी से तैयार किया जा सकता है।
बिना तेल के अचार बनाने की शुरुआती तैयारी
मोना चावला के बताए गए तरीकों के मुताबिक इस खास अचार को बनाने के लिए सबसे पहले कम तीखी वाली हरी मिर्च चुननी चाहिए। लगभग 250 ग्राम हरी मिर्च को लेकर उन्हें पहले अच्छी तरह धोना चाहिए और फिर पूरी तरह सुखा लेना चाहिए, ताकि नमी बिल्कुल न रहे। इसके बाद मिर्च के ऊपरी डंठल को हटा दें। अब इन मिर्चों को छोटे-छोटे गोल टुकड़ों में काट लें। कटी हुई मिर्च में 2 चम्मच नमक और एक चम्मच नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण को किसी साफ कांच या फिर स्टील के डिब्बे में भरकर रख दें। इस बात का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि इस्तेमाल किया जाने वाला डिब्बा अंदर से पूरी तरह सूखा हुआ होना चाहिए। डिब्बे के ढक्कन को कसकर बंद कर दें और इसे पूरे एक दिन के लिए ऐसे ही छोड़ दें। एक दिन तक इस तरह रखने से मिर्च थोड़ी नरम पड़ जाती है, अपना पानी छोड़ देती है और उसके रंग में भी हल्का बदलाव देखने को मिलता है। इस प्रक्रिया से मिर्च आसानी से मसालों को अपने अंदर सोख लेती है और बिना तेल के भी अचार बेहद स्वादिष्ट बनकर तैयार होता है।
मसालों का मेल और मिलाने की सही विधि
नमक और नींबू के रस के साथ एक दिन तक रखी गई मिर्च अब मसाले मिलाने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इस चरण में 2 चम्मच लाल वाली राई और 2 चम्मच सौंफ लेकर उन्हें मिक्सी या खलपिसनी में दरदरा पीस लें। पिसे हुए मसालों के साथ ही डिब्बे में थोड़ा सा हींग, थोड़ी सी पिसी हुई काली मिर्च, बहुत ही थोड़ी मात्रा में कलौंजी, 1 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा सा हल्दी पाउडर मिला लें। इन सभी मसालों को आपस में अच्छी तरह फेंट लें और फिर इन्हें कटी हुई मिर्च के अंदर डाल दें। अब एक साफ चम्मच की मदद से इसे अच्छी तरह मिलाएं, ताकि मसालों की एक बेहतरीन परत मिर्च के हर एक टुकड़े पर मजबूती से चिपक जाए।
जार में भंडारण और नमी से बचाव के जरूरी उपाय
मसालों को अच्छी तरह मिलाने के बाद इन मिर्चियों को किसी साफ और सूखे कांच के जार में भरकर सुरक्षित रख देना चाहिए। इसके साथ ही इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि अचार निकालते वक्त कभी भी गीले चम्मच का इस्तेमाल न करें, बल्कि हमेशा पूरी तरह साफ और सूखे चम्मच से ही अचार बाहर निकालें। इस अनूठे अचार की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें बाहर से कोई तेल नहीं मिलाया जाता है, फिर भी इसका स्वाद बहुत ही चटपटा और लजीज रहता है। यह बिना तेल वाला अचार सादे पराठों, करारी पूरियों और दाल-चावल के साथ खाने में बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट लगता है।
स्वाद को निखारने का सही तरीका और परिपक्वता
मसाले मिलाने के तुरंत बाद अचार को खाने के बजाय कुछ दिनों तक सुरक्षित रखना बहुत जरूरी होता है, ताकि मिर्च के अंदर मसालों का स्वाद गहराई तक समा सके। जार को अच्छी तरह बंद करके घर के ऐसे हिस्से में रखें जहां नमी और पानी की सीलन से पूरा बचाव हो सके। समय-समय पर जार को हल्का सा हिलाते रहना चाहिए, ताकि नीचे बैठने वाला मसाला डिब्बे के ऊपरी हिस्सों की मिर्चों पर भी अच्छी तरह लिपटा रहे। कुछ समय बीतने के बाद मिर्च का स्वाद और उसका रंग दोनों ही बदलने लगते हैं और तब जाकर यह अचार खाने के लिए पूरी तरह तैयार माना जाता है। इस रेसिपी में किसी लंबे इंतजार की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती है। जैसे ही मिर्च नरम होने लगे, मसाले उसमें अच्छी तरह रच-बस जाएं और एक खट्टा-चटपटा स्वाद आने लगे तो समझ लीजिए कि आपका अचार परोसने के लिए बिल्कुल तैयार है। शुरुआत में मिर्च का स्वाद थोड़ा अलग लग सकता है, लेकिन मसालों और नींबू का रस आपस में जब पूरी तरह घुल-मिल जाते हैं तो इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए डिब्बे से खाने के लिए निकालने से पहले एक बार चखकर जरूर देख लें।
रोजमर्रा के भोजन के साथ इसका बेहतरीन मेल
इस मिर्च के अचार की सबसे अच्छी खूबी यही है कि इसे हर रोज के सामान्य खाने के साथ बहुत आसानी से खाया जा सकता है। गरमागरम और खस्ता पराठे के साथ इसका यह खट्टा और चटपटा जायका लोगों को बहुत पसंद आता है। दाल और चावल की सादी थाली, करारी पूरी या फिर साधारण रोटी के साथ भी यह खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है। यदि आपको बहुत अधिक मात्रा में तेल और भारी मसालों वाले अचार पसंद नहीं आते हैं, तो बिना तेल वाला यह घरेलू तरीका आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।



















