19 अगस्त को त्रिपुरा के पूर्व शासक महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की जयंती के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया मंच X पर एक संदेश साझा करते हुए गृह मंत्री ने महाराजा बीर बिक्रम को जन-कल्याणकारी शासन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में महाराजा के दूरदर्शी योगदान की वजह से ही उन्हें आधुनिक त्रिपुरा का शिल्पकार माना जाता है।
कौन थे महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर
महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर त्रिपुरा रियासत के एक दूरदर्शी राजा थे। उन्हें आधुनिक त्रिपुरा का मुख्य निर्माता माना जाता है, जिन्होंने राज्य के विकास की मजबूत नींव रखी। 20वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अपने शासनकाल के दौरान उन्होंने अगरतला के योजनाबद्ध शहरी विकास, उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना और राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके ऐतिहासिक योगदान और सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करने के लिए साल 2018 में केंद्र सरकार ने अगरतला हवाई अड्डे का नाम बदलकर महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डा कर दिया था।
गृह मंत्री अमित शाह ने संदेश में क्या कहा
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में महाराजा बीर बिक्रम के जनहितैषी शासन की सराहना की। अमित शाह ने उल्लेख किया कि महाराजा बीर बिक्रम ने अपने समय में शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के साथ-साथ प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया था। उनके द्वारा रखी गई विकास की नींव आज भी राज्य की प्रगति का मार्गदर्शन कर रही है। देश भर के शीर्ष नेताओं और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा सहित विभिन्न हस्तियों ने भी इस अवसर पर महाराजा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया।
त्रिपुरा के विकास में महाराजा का योगदान
महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर ने अपने शासन के दौरान त्रिपुरा में पहले डिग्री कॉलेज की स्थापना की और राज्य में आधुनिक शिक्षा की अलख जगाई। इसके अलावा उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था, सड़क नेटवर्क और कृषि विकास के लिए कई दूरगामी नीतियां बनाईं। उनके इसी दृष्टिकोण के कारण उन्हें आज भी राज्य में एक महान सुधारक और निर्माता के रूप में आदर से याद किया जाता है।
जनता की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री के इस पोस्ट पर आम नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। बहुसंख्यक लोगों ने महाराजा बीर बिक्रम को नमन करते हुए त्रिपुरा के निर्माण में उनकी भूमिका की सराहना की। वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस अवसर पर पूर्वोत्तर के सर्वांगीण विकास और क्षेत्रीय आर्थिक नीतियों से जुड़े प्रश्न भी उठाए।



























