पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित 'बड़ा खाना' कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों और अधिकारियों के साथ मिलकर भोजन किया। भारतीय सुरक्षा बलों में 'बड़ा खाना' की एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण परंपरा रही है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और उच्च अधिकारियों के बीच आपसी विश्वास, सौहार्द तथा प्रशासनिक सामंजस्य को सुदृढ़ करना है।
'बड़ा खाना' परंपरा का स्वरूप और महत्व
सैन्य और अर्धसैनिक बलों में 'बड़ा खाना' केवल एक सामूहिक प्रीतिभोज नहीं है, बल्कि यह पदानुक्रम से परे जाकर एक साथ समय बिताने का माध्यम है। इस परंपरा के तहत अधिकारियों और जवानों के बीच संवाद बढ़ता है, जिससे बल का मनोबल और कार्यकुशलता सुदृढ़ होती है। आयोजन के बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया पर इस परंपरा की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि जवानों और अधिकारियों का एक साथ भोजन साझा करना उनके आपसी संबंध और साझा संकल्प को नई ऊर्जा देता है।
सशस्त्र सीमा बल का दायित्व और परिचालन क्षेत्र
सशस्त्र सीमा बल भारत की एक प्रमुख सीमा सुरक्षा एजेंसी है, जिस पर 2,450 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल और भारत-भूटान अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा है। यह बल सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने, सीमा सुरक्षा वार्ताओं को आयोजित करने और संयुक्त भूमि सर्वे करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं के साथ प्रशिक्षण साझेदारी और नियमित अभ्यास के माध्यम से बल अपनी परिचालन क्षमताओं को लगातार अद्यतन करता रहता है।
सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रिया
इस आयोजन से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों की ओर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों के समर्पण की सराहना की और सुरक्षा बलों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस अवसर पर विभिन्न प्रशासनिक मामलों, सरकारी नौकरियों में नियुक्ति की प्रक्रियाओं और सामाजिक नीतिगत मुद्दों पर अपनी चिंताएं जताईं।



























