कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक नया ऐलान किया है। उन्होंने अपनी आगामी किताब के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह अपनी 30वीं पुस्तक लेकर आ रहे हैं। इस घोषणा के साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक रुख को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी अपनी बात रखी।
टाइम्स ऑफ इंडिया के संपादकीय पर दी प्रतिक्रिया
इस पूरी चर्चा की शुरुआत एक मीडिया संस्थान के संपादकीय से हुई थी। शशि थरूर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में द टाइम्स ऑफ इंडिया के एक अज्ञात संपादकीय लेखक का आभार व्यक्त किया। उस लेख में यह सवाल उठाया गया था कि राजनीतिक केंद्रवादी लोग इतने कम किताबें क्यों लिखते हैं। इस टिप्पणी का जवाब देते हुए उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी साहित्यिक यात्रा का जिक्र किया।
अपनी 30वीं किताब का किया एलान
अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए शशि थरूर ने लिखा कि वह अपने जीवन भर राजनीतिक रूप से केंद्रवादी रहे हैं और अब तक 29 किताबें लिख चुके हैं। उन्होंने इसी बहाने अपनी 30वीं किताब की घोषणा कर दी, जिसका शीर्षक 'द फाइट फॉर इंडियन लिबरलिज्म' है। इस किताब में भारतीय उदारवाद के उदय, पतन और उसके दोबारा उठने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया है।
सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रिया
इस घोषणा के सामने आने के बाद इंटरनेट पर उपयोगकर्ताओं की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने उनकी बौद्धिक क्षमता की सराहना की, तो कुछ ने उनके राजनीतिक दल और केंद्रवादी होने के दावे पर सवाल खड़े किए। जनता की इस प्रतिक्रिया ने ऑनलाइन एक नई बहस को जन्म दे दिया है।


























