भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनिया भर में रहने वाले भारतीय समुदाय को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। 15 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए अपने विशेष संदेश में विदेश मंत्री ने देश की विकास यात्रा, वैश्विक मंच पर बढ़ती प्रतिष्ठा और देशवासियों के सामूहिक संकल्प को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भारत ने अपनी आत्मनिर्भरता की नींव को मजबूत करते हुए भविष्य के बड़े लक्ष्यों की ओर कदम बढ़ाए हैं।
सप्तधारा विज़न और विकसित भारत 2047 का रोडमैप
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि बीते 12 वर्षों का कालखंड भारत के आत्मविश्वास, आत्मगौरव और आत्मनिर्भरता का प्रत्यक्ष साक्षी रहा है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि देश की यह प्रगति यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सप्तधारा विज़न से निर्देशित हो रही है। इस दूरदर्शी दृष्टिकोण के तहत भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बुनियादी सुधारों और तीव्र विकास के रास्ते पर निरंतर और दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।
ग्लोबल ट्राइकलर रिले और संवैधानिक कर्तव्यों का आह्वान
इस बार 80वां स्वतंत्रता दिवस देश के साथ-साथ दुनिया भर में अभूतपूर्व उत्साह के साथ आयोजित किया गया। वैश्विक स्तर पर ग्लोबल ट्राइकलर रिले और प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय स्थलों पर तिरंगी प्रकाश व्यवस्था के जरिए भारतीय प्रवासियों ने अपनी राष्ट्रीय पहचान का जश्न मनाया। लाल किले के प्राचीर से हुए मुख्य समारोह के अतिरिक्त विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देने के साथ ही यह अपील की कि देश के उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग और जवाबदेह रहना चाहिए। वहीं गोवा के मुख्यमंत्री सहित देश के विभिन्न राज्यों के नेतृत्व ने भी नागरिकों को समृद्धि और एकता का संदेश दिया।
जनता की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री के इस संदेश पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आम जनता की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। बड़ी संख्या में नागरिकों ने वंदे मातरम और जय हिंद के जयघोष के साथ अपनी देशभक्ति व्यक्त की, वहीं अनेक लोगों ने दैनिक जीवन में नागरिक नियमों के पालन और राष्ट्र निर्माण में व्यक्तिगत योगदान की आवश्यकता पर भी अपने विचार साझा किए।



























