भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि 16 अगस्त 2026 को पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। इस अवसर पर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सहित कई प्रमुख हस्तियों ने 'सदैव अटल' स्मारक पर पहुंचकर तथा डिजिटल माध्यमों से अपने संदेश साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। देश के शीर्ष नेतृत्व ने उनके दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को याद किया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर का संदेश
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए एक विशेष संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि भारत की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के क्षेत्र में अटल जी का योगदान हमेशा स्मरणीय और वंदनीय रहेगा। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि देश को अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक सशक्त पहचान दिलाने और सामरिक स्वायत्तता स्थापित करने में उनकी नीतियों ने निर्णायक भूमिका निभाई थी।
'सदैव अटल' पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अर्पित किए श्रद्धापुष्प
राजधानी दिल्ली स्थित 'सदैव अटल' मेमोरियल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें याद करते हुए कहा कि अटल जी का पूरा जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का एक सजीव उदाहरण है। इसके अलावा बिहार भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि अटल जी ने सुशासन को भारतीय राजनीति का मूल मंत्र बनाया। पूर्व हॉकी कप्तान सरदार सिंह ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को नमन किया और उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
कौन थे अटल बिहारी वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी भारत के एक महान कवि, लेखक और कुशल राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 1996 में दो सप्ताह के लिए और फिर 1998 से 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देश का सफल नेतृत्व किया। वह केंद्र में अपना पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेस प्रधानमंत्री बने थे। भारतीय जनता पार्टी के सह-संस्थापक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक रहे अटल जी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को लोकतांत्रिक उदारवाद के साथ जोड़कर एक नई राजनीतिक परंपरा को जन्म दिया। उनके कार्यकाल के दौरान 1998 में पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण किया गया, जिसने भारत को एक विश्वसनीय परमाणु शक्ति बनाया। 1999 के कारगिल युद्ध में उनका दृढ राजनीतिक नेतृत्व और स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं ने भारत के आर्थिक और बुनियादी विकास को एक नई दिशा दी।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर आम नागरिकों और युवाओं ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। लोगों ने उनके भाषणों, राजनीतिक विनम्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर लिए गए कठोर निर्णयों को याद करते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का एक महान युगपुरुष बताया।



























