राजनाथ सिंह ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) की 35वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) को संबोधित किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के आर्थिक विकास में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली एमएसएमई इकाइयों को सम्मानित किया और उन्हें नए नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वैश्विक पहचान और रणनीतिक साझेदारी पर बल
बैठक में उद्यमियों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनना होगा। उन्होंने कंपनियों से अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुंच का विस्तार करने की अपील की। उनके अनुसार, व्यापारिक साझेदारियों को बढ़ावा देकर ही भारतीय उद्योग दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य में एमएसएमई की भूमिका
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत को 'विकसित भारत' के संकल्प तक पहुंचाने के लिए एमएसएमई सेक्टर का मजबूत होना बेहद अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जब छोटे और मध्यम उद्योग अपनी क्षमता का विस्तार करेंगे और वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनेंगे, तब देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इसके लिए अनुसंधान, गुणवत्ता नियंत्रण और नई तकनीकों के एकीकरण को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस संबोधन के बाद लोगों की विविध प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने एमएसएमई क्षेत्र की वर्तमान विकास दर और आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए, जबकि कुछ अन्य लोगों ने उद्योग से जुड़े जमीनी मुद्दों और सरकारी सहयोग की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।


























