ओडिशा के गजपति जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रात में बेखबर सो रहे एक निर्दोष परिवार पर जहरीले जीवों का कहर टूट पड़ा। रायगड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली जालंग पंचायत के कदमाताल गांव में गुरुवार की आधी रात को दो जहरीले सांप एक मकान में दाखिल हो गए। घर के फर्श पर सो रहे परिजनों पर सांपों ने अचानक हमला कर दिया, जिससे मां और उनके सात वर्षीय मासूम बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे कदमाताल गांव में गहरा शोक छा गया है और ग्रामीणों की आंखें नम हैं।
रात के सन्नाटे में घर में घुसे दो जहरीले सांप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कदमाताल गांव के निवासी अजय कुमार रैत गुरुवार की रात रोजाना की तरह अपने पूरे परिवार के साथ घर में आराम कर रहे थे। बिस्तर पर अजय कुमार रैत, उनकी पत्नी ललिता रैत, सात साल का बेटा अमित कुमार रैत और लगभग डेढ़ वर्ष की नन्हीं बेटी गहरी नींद में थे। आधी रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर दो जहरीले सांप चुपचाप कमरे के अंदर रेंगते हुए पहुंच गए। परिवार के सदस्य जब नींद के आगोश में थे, उसी दौरान सांपों ने ललिता रैत और उनके बेटे अमित कुमार रैत के हाथों पर कई बार डंस लिया।
चीख-पुकार से खुली नींद और मचा हड़कंप
ज़हर के शरीर में फैलते ही मां और बेटा तीव्र दर्द के कारण कराहने लगे और रोने लगे। अचानक कमरे में गूंजी चीख-पुकार सुनकर अजय कुमार रैत की नींद टूट गई। उन्होंने जब तुरंत रोशनी करके देखा, तो कमरे के भीतर दो जहरीले सांप मौजूद थे। सांपों को देखते ही घर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। बिना एक पल की देरी किए, अजय कुमार और आसपास के पड़ोसियों ने ललिता और मासूम अमित को तुरंत नजदीकी रायगड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, ताकि उन्हें समय पर एंटी-वेनम और जरूरी इलाज मिल सके।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल तक का सफर
रायगड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद डॉक्टरों की टीम ने पीड़ितों को भर्ती कर आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, सांपों का विष शरीर में तेजी से फैल रहा था, जिससे दोनों की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हालत बेकाबू होते देख डॉक्टरों ने बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्हें पारलाखेमुंडी स्थित जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन आनन-फानन में गंभीर रूप से अचेत मां और बेटे को लेकर पारलाखेमुंडी पहुंचे, लेकिन वहां गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज के दौरान ही ललिता रैत और 7 वर्षीय अमित कुमार रैत ने दम तोड़ दिया।
पिता और डेढ़ साल की बच्ची की किस्मत से बची जान
इस अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाले हादसे में अजय कुमार रैत और उनकी डेढ़ वर्ष की छोटी बेटी की जान किस्मत से बच गई। सौभाग्य से सांपों ने उन दोनों को नहीं काटा था, जिससे वे शारीरिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित रहे। हालांकि, अपनी आंखों के सामने पत्नी और मासूम बच्चे को खो देने का गम परिवार पर पहाड़ बनकर टूटा है। सोते समय घर में घुसे जहरीले सांपों के हमले ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दी हैं।



















