ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में जमीन विवाद और आरटीआई (RTI) आवेदन से जुड़ी एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। लहुणीपाड़ा थाना क्षेत्र के गणिघषा गांव में शनिवार की सुबह अज्ञात दो बाइक सवारों ने एक स्थानीय निवासी कान्हु चरण महांत पर सरेराह पेट्रोल उड़ेल दिया और आग लगा दी। इस अचानक हुए जानलेवा हमले से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और गांव में भारी तनाव का माहौल व्याप्त हो गया। पीड़ित को बेहद गंभीर हालत में इलाज के लिए राउरकेला स्थित इस्पात जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई है।
सुबह नाले की तरफ जाते समय हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह कान्हु चरण महांत अपने घर से निकलकर पास के एक नाले की तरफ जा रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें जबरन रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के आरोपों के मुताबिक, बाइक सवारों ने बिना कोई बातचीत किए तुरंत कान्हु चरण पर पेट्रोल छिड़क दिया और फिर माचिस जलाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया। आग लगते ही कान्हु चरण दर्द से चीखने-चिल्लाने लगे और मदद की गुहार लगाने लगे।
उनकी दर्दनाक चीखें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह आग पर काबू पाया और कान्हु चरण को बचाया। इसके तुरंत बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी लहुणीपाड़ा अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, आग की लपटों से कान्हु चरण का शरीर काफी झुलस चुका था और उनकी हालत अत्यंत चिंताजनक देख चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए राउरकेला के इस्पात जनरल अस्पताल रेफर कर दिया।
पेट्रोल पंप लीज विवाद और आरटीआई आवेदन बनी हमले की वजह
इस सनसनीखेज वारदात के पीछे जमीन से जुड़े एक गंभीर विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है। पीड़ित कान्हु चरण महांत की पत्नी पद्मा महांता ने इस बर्बर हमले के पीछे पारिवारिक जमीन के अवैध लीज समझौते का आरोप लगाया है। पद्मा महांता के अनुसार, उनकी सहमति और अनुमति के बिना ही उनके कुछ रिश्तेदारों ने कथित रूप से उनकी पैतृक जमीन को एक पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए लीज पर दे दिया था। इस बात का पता चलने पर कान्हु चरण ने पूरे मामले की निष्पक्ष जानकारी हासिल करने के लिए सूचना का अधिकार कानून के तहत एक आरटीआई (RTI) आवेदन दाखिल किया था।
पद्मा का कहना है कि आरटीआई आवेदन जमा होने के बाद से ही आरोपी पक्ष बौखलाया हुआ था और जमीन को लेकर चल रहा विवाद काफी बढ़ गया था। परिवार को पूरा संदेह है कि आरटीआई के जरिए सच सामने आने के डर से ही रिश्तेदारों और उनसे जुड़े लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। परिवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में इसी आरटीआई और जमीन विवाद को हमले की वजह बताया है, जिसकी अब प्रशासनिक व पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है।
मौके से पेट्रोल की बोतल, माचिस और चप्पल बरामद, पुलिस जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही लहुणीपाड़ा थाने की पुलिस टीम बिना किसी देरी के गणिघषा गांव स्थित वारदात स्थल पर पहुंची और गहन जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया के तहत घटनास्थल से एक माचिस की डिब्बी, आधा भरा हुआ पेट्रोल का बोतल और एक जोड़ी चप्पल जब्त की है। पुलिस इन सभी बरामद सामग्रियों को फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच के लिए महत्वपूर्ण मान रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
लहुणीपाड़ा पुलिस की टीम अब घटना के समय की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में शामिल दो अज्ञात बाइक सवारों की पहचान के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों व स्थानीय सूचना तंत्र की मदद ली जा रही है। पुलिस जमीन विवाद, आरटीआई आवेदन, और व्यक्तिगत रंजिश सहित सभी संभावित कोणों से निष्पक्षतापूर्वक मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच पूरी होते ही हमलावरों की पहचान कर ली जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















