ओडिशा के कालाहांडी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक विवाद ने एक नौजवान की जिंदगी छीन ली। जिले के कलमपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नुआगुड़ा गांव में शराब की लत के कारण एक घर का चिराग बुझ गया। नशे की हालत में धुत्त पिता ने महज कुछ रुपयों के विवाद में अपने ही 20 वर्षीय बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया। लकड़ी के भारी टुकड़े से हुए इस वार में बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसने दम तोड़ दिया।
शराब के पैसों पर विवाद बना मौत का कारण
घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी पिता मानसिंह गहिर अत्यधिक शराब पीने का आदी है। वारदात वाले दिन वह नशे की हालत में घर पहुंचा और अपने 20 वर्षीय बेटे आलोक रंजन गहिर से और शराब खरीदने के लिए पैसों की मांग करने लगा। बेटे आलोक ने जब पिता को शराब पीने के लिए पैसे देने से इनकार किया, तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस उग्र कहासुनी में बदल गई। गुस्से में आकर मानसिंह ने आपा खो दिया और पास में पड़े लकड़ी के एक भारी टुकड़े को उठाकर सीधे आलोक के सिर पर दे मारा।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
पिता के अचानक किए गए हमले से आलोक रंजन के सिर में बेहद गंभीर चोट आई और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। घर में चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर एकत्र हो गए। आनन-फानन में घायल आलोक को तुरंत नजदीकी कलमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद आलोक रंजन गहिर को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी पिता की गिरफ्तारी
युवक की मौत के तुरंत बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रशासन ने इस मामले की औपचारिक सूचना कलमपुर थाना पुलिस को दी। सूचना पाते ही पुलिस की टीम बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक आलोक के शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही पुलिस टीम ने नुआगुड़ा गांव में दबिश देकर आरोपी पिता मानसिंह गहिर को हिरासत में ले लिया और बाद में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस फिलहाल आरोपी मानसिंह से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा सके। पैसे मांगने को लेकर शुरू हुए विवाद से लेकर जानलेवा हमले तक की पूरी प्रक्रिया का खाका तैयार किया जा रहा है। इस दर्दनाक घटना के बाद से नुआगुड़ा गांव समेत पूरे कलमपुर इलाके में गहरा शोक और सन्नाटा छाया हुआ है। हर कोई इस बात से हैरान है कि शराब की लत में अंधा होकर एक पिता अपने ही बेटे का कातिल कैसे बन गया।



















