ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बेहतर उपचार के लिए अस्पताल ले जाए जा रहे एक मरीज की एंबुलेंस में अचानक भीषण आग लग गई और कानफाड़ू धमाका हुआ। उदला उपमंडलीय अस्पताल के समीप घटित इस भयानक हादसे में जीवन से संघर्ष कर रहे मरीज की जलने से मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान कुंडाबाई क्षेत्र के निवासी सुयश कुमार बारिक के तौर पर की गई है। सुयश कुमार रक्त संक्रमण (ब्लड इन्फेक्शन) से पीड़ित थे और उनकी नाजुक हालत को देखते हुए परिजन उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सीय सुविधा के लिए भुवनेश्वर ले जाने की तैयारी में थे।
ऑक्सीजन सिलेंडर चालू करते ही फटा वाहन, 40 फीट दूर गिरी छत
पीड़ित परिवार ने मरीज को भुवनेश्वर ले जाने के मकसद से एक निजी ऑपरेटर की एंबुलेंस किराए पर ली थी। यात्रा के दौरान उदला उपमंडलीय अस्पताल के निकट मरीज को सांस लेने में कठिनाई महसूस हुई, जिस पर वाहन चालक ने सहायता हेतु ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व खोलने का प्रयास किया। जैसे ही वाल्व घुमाया गया, वाहन के भीतर अचानक लपटें भड़क उठीं और कुछ ही पलों में एक जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट का झटका इतना प्रचंड था कि एंबुलेंस की धातु की छत उखड़कर हवा में उछली और करीब 40 फीट दूर जाकर गिरी। देखते ही देखते भीषण आग ने समूचे वाहन को अपनी लपेट में ले लिया, जिससे मार्ग पर भारी अफरा-तफरी मच गई।
वाहन में आग धधकते देख मरीज के परिजनों ने अदम्य साहस दिखाते हुए किसी तरह सुयश कुमार को बाहर निकाला। लेकिन तब तक आग की लपटों से उनका शरीर अत्यंत गंभीर रूप से झुलस चुका था। बाहर निकाले जाने के महज कुछ ही मिनटों के भीतर उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अस्पताल परिसर में फैली दहशत, दमकल कर्मियों ने पाया काबू
इस आकस्मिक आपदा में दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से आग और विस्फोट की चपेट में आकर घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका गहन उपचार चल रहा है। धमाके की भयावह आवाज सुनकर उपमंडलीय अस्पताल परिसर, आसपास मौजूद अन्य मरीज, उनके तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मी बुरी तरह सहम गए और समूचे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन विभाग का दस्ता राहत उपकरणों के साथ मौके पर पहुँचा। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में लगी विकराल आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। पुलिस प्रशासन ने निजी ऑपरेटर के इस वाहन से जुड़े हादसे के संबंध में औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है। संबंधित एजेंसियां अब यह तकनीकी जाँच कर रही हैं कि वाल्व खोलते वक्त चिंगारी कैसे भड़की और किन परिस्थितियों ने ऑक्सीजन सिलेंडर को इतने बड़े विस्फोट में तब्दील कर दिया।



















