ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में गहरे दबाव यानी डीप डिप्रेशन के असर से तेज हवाओं और लगातार बारिश का दौर जारी है। इसी मौसमी उथल-पुथल के बीच जटणी-पिपिली मुख्य मार्ग पर अचानक एक बड़ा पेड़ सड़क के ठीक बीच में आ गिरा। इस भारी पेड़ के गिरने के कारण दोनों दिशाओं का संपर्क पूरी तरह कट गया और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 2 घंटे तक यात्रियों और स्थानीय वाहन चालकों को भारी जाम से जूझना पड़ा, जिसके बाद बचाव कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को काटकर हटाया और सड़क पर आवाजाही बहाल कराई।
सड़क पर पेड़ गिरने से लगा लंबा जाम और राहत कार्य
जटणी और पिपिली को जोड़ने वाली इस व्यस्त सड़क पर पेड़ धराशायी होते ही दोनों तरफ से गाड़ियों का पहिया पूरी तरह थम गया। दैनिक यात्रियों, आवश्यक सेवाओं और निजी वाहनों को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू दलों ने कई देर तक सघन अभियान चलाकर गिरे हुए पेड़ के तनों और शाखाओं को मशीनों से काटा। इसके बाद मलबे को सड़क से दूर किया गया, तब जाकर तकरीबन दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई और वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी।
तट पार कर उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश पहुंचा मौसमी तंत्र
भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, समुद्र में बना यह डीप डिप्रेशन तट रेखा को पार कर चुका है और फिलहाल उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के इलाके पर केंद्रित है। इस मौसमी तंत्र ने पिछले 6 घंटों के सफर में करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर अपनी चाल बढ़ाई। इसने 23 सितंबर की रात 11 बजे से 24 सितंबर की देर रात 1 बजे के दरम्यान आंध्र प्रदेश स्थित कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम भाग में तट को डीप डिप्रेशन के स्तर पर पार किया था। लैंडफॉल की इस प्रक्रिया के दौरान हवा की निरंतर रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि बीच-बीच में हवा के झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।
वर्तमान स्थिति और आगामी 24 घंटों का पूर्वानुमान
तारीख 24 सितंबर को सुबह 5:30 बजे के वक्त डीप डिप्रेशन का मुख्य केंद्र उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में 18.3° उत्तर अक्षांश और 83.7° पूर्व देशांतर पर मौजूद था। भौगोलिक दूरी के लिहाज से यह केंद्र कलिंगपट्टनम से लगभग 50 किलोमीटर पश्चिम दिशा में, विशाखापट्टनम से करीब 80 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर तथा ओडिशा के गोपालपुर से तकरीबन 170 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में अवस्थित रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह मौसमी प्रणाली अगले करीब 12 घंटे तक इसी तीव्रता के साथ डीप डिप्रेशन के रूप में सक्रिय रहेगी और शुरुआती दौर में उत्तर-पश्चिम दिशा में सफर तय करेगी। तत्पश्चात, अगले 24 घंटों की समयसीमा में यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम रुख अपनाते हुए धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगी। इस मौसमी बदलाव के चलते आसपास के क्षेत्रों में तेज झोंके वाली हवाएं और वर्षा जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं, जिसके कारण बुनियादी ढांचे और सड़कों पर पेड़ गिरने जैसी बाधाएं पैदा हो रही हैं।



















