ओडिशा के ब्रह्मपुर शहर में शनिवार रात शराब पार्टी के दौरान उपजा मामूली विवाद एक खौफनाक वारदात में बदल गया। कई गंभीर मामलों और हत्या के मुकदमों में वांछित चल रहा एक कुख्यात अपराधी अपने ही करीबी साथी के हाथों जान गंवा बैठा। निमाखंडी इलाके में चल रही इस महफिल में हंसी-मजाक के बीच अचानक कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट तक जा पहुंची। महफिल के बीच हुए अपमान से बात इतनी बिगड़ गई कि पार्टी खत्म होते-होते खून-खराबे में बदल गई।
महफिल में अपमान और हाथापाई से बिगड़े हालात
शनिवार देर रात निमाखंडी क्षेत्र में अपराधी अपने कुछ परिचितों के साथ बैठकर जाम छलका रहा था। शुरुआत में माहौल पूरी तरह शांत था, लेकिन बातचीत के दौरान किसी पुराने मसले को लेकर तीखी तकरार छिड़ गई। विवाद गहराने पर उस कुख्यात बदमाश ने आपा खो दिया और फास्ट फूड सेंटर चलाने वाले अपने साथी बिटु साहू उर्फ राघब को सबके सामने जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। खुलेआम साथियों के सामने थप्पड़ खाकर बिटु बेहद अपमानित महसूस करने लगा और उसका गुस्सा बेकाबू हो गया।
स्कूटी की डिग्गी से निकाला धारदार हथियार
सरेआम बेइज्जती का शिकार हुए बिटु साहू ने तत्काल पलटवार करने की ठान ली। उसने फौरन पास खड़ी अपनी स्कूटी की ओर रुख किया और उसकी डिग्गी खोलकर उसमें रखा हुआ एक धारदार चाकू निकाल लिया। आवेश में आकर उसने बिना संकोच किए अपराधी पर हमला बोल दिया और सीधा उसका गला रेत डाला। गंभीर वार लगने के कारण अत्यधिक खून बहने से उस कुख्यात बदमाश ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
नाकाबंदी में पकड़ा गया खून से लथपथ आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बिटु साहू अपनी स्कूटी पर सवार होकर इलाके से फरार होने की कोशिश में था। उसी दौरान रास्ते में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों की नजर उसके खून से सने कपड़ों पर पड़ गई। पुलिस अधीक्षक अभिनव सोनकर ने जानकारी दी कि नियमित चेकिंग के दौरान संदिग्ध अवस्था में दिखे आरोपी को जवानों ने तुरंत घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त खूनी चाकू भी बरामद कर लिया है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, बाकी साथियों की भूमिका की पड़ताल
निमाखंडी पुलिस थाने में हत्या का केस दर्ज करने के बाद वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित करने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि महफिल में मौजूद दो अन्य लोगों ने हमले में कोई मदद की थी या वे केवल मूकदर्शक बने रहे। अधिकारियों के अनुसार पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि मामले में शामिल हर व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी तय हो सके।



















