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घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसे क्रिस्पी और सॉफ्ट मेदू वड़ा, जानें दाल भिगोने से लेकर तलने तक के सीक्रेट टिप्सखानपान
18 अग॰ 2026, 7:24 pm (2 घंटे पहले)· 3

घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसे क्रिस्पी और सॉफ्ट मेदू वड़ा, जानें दाल भिगोने से लेकर तलने तक के सीक्रेट टिप्स

घर पर होटल जैसे क्रिस्पी और सॉफ्ट मेदू वड़ा बनाने के लिए उड़द दाल को सही समय तक भिगोना, गाढ़ा बैटर तैयार करना और तेल का तापमान नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।

सुबह की शुरुआत अगर गरमा-गरम और स्वादिष्ट मेदू वड़ा के साथ हो, तो दिन बेहद खास बन जाता है। दक्षिण भारतीय व्यंजनों में खास पहचान रखने वाला यह स्नैक बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से बेहद नरम होता है। अक्सर लोगों को लगता है कि ऐसे परफेक्ट वड़े केवल रेस्टोरेंट में ही बनाए जा सकते हैं, लेकिन थोड़ी सी सावधानी और सही प्रक्रिया अपनाकर इन्हें घर की रसोई में भी बिल्कुल वैसा ही तैयार किया जा सकता है। सांभर और ताजी नारियल की चटनी के साथ परोसे जाने वाले इस लोकप्रिय नाश्ते को बनाने के लिए किसी जटिल सामग्री की आवश्यकता नहीं होती है।

मेदू वड़ा बनाने की पूरी प्रक्रिया में चार मुख्य चरण बेहद अहम होते हैं। इनमें दाल को सही तरीके से भिगोना, उसे उचित मात्रा में पीसना, बैटर को अच्छी तरह फेंटना और कड़ाही में तेल का सही तापमान बनाए रखना शामिल है। यदि इन चारों बातों का ठीक से ध्यान रखा जाए, तो वड़े का बाहरी हिस्सा सुनहरा और क्रिस्पी बनता है, जबकि अंदर का भाग स्पंजी और मुलायम रहता है। आइए जानते हैं इस पारंपरिक नाश्ते को घर पर आसानी से बनाने की पूरी विधि और इसके कुछ खास सीक्रेट टिप्स।

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चार सदस्यों के परिवार के लिए नाश्ता तैयार करने हेतु सबसे पहले एक कप उड़द दाल लें। इसके अलावा स्वाद के मुताबिक नमक, दो बारीक कटी हुई हरी मिर्च, एक इंच अदरक का बारीक कटा टुकड़ा, छह से सात करी पत्ते और आधा चम्मच काली मिर्च के दाने जुटा लें। वड़े तलने के लिए पर्याप्त मात्रा में तेल की जरूरत होगी। यदि आप चाहें तो बैटर में थोड़ी सी बारीक कटी हुई हरी धनिया भी मिला सकते हैं, जिससे इसका स्वाद और रंग दोनों बेहतर हो जाते हैं।

उड़द दाल को तैयार करने का सही तरीका यह है कि सबसे पहले दाल को साफ पानी में अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इसे पांच से छह घंटे के लिए या फिर पूरी रातभर पानी में भिगोकर छोड़ दें। सुबह होने पर दाल का अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकाल दें और इसे मिक्सर ग्राइंडर में पीस लें। यहीं पर एक आम गलती हो जाती है जो पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है। दाल पीसते समय एक साथ बहुत ज्यादा पानी बिल्कुल न डालें। आवश्यकतानुसार थोड़ा-थोड़ा पानी छिड़कते हुए एक गाढ़ा और चिकना बैटर तैयार करें।

यदि बैटर जरूरत से ज्यादा पतला हो जाता है, तो न केवल वड़े को सही आकार देना असंभव हो जाता है, बल्कि वे तलते समय जरूरत से ज्यादा तेल भी सोख लेते हैं। इसलिए बैटर हमेशा गाढ़ा लेकिन हल्का होना चाहिए। पिसी हुई दाल को एक बड़े बर्तन में निकालें और उसमें नमक, अदरक, हरी मिर्च, करी पत्ते और काली मिर्च के दाने मिलाएं। इसके बाद हाथ या व्हिस्क की मदद से बैटर को कुछ मिनटों तक लगातार और अच्छी तरह फेंटें। यही वह महत्वपूर्ण चरण है जो वड़े को अंदर से हल्का और स्पंजी बनाता है। कई लोग दाल पीसने के तुरंत बाद ही वड़े तलना शुरू कर देते हैं, जिससे वे भारी और सख्त बन जाते हैं।

वड़े को सही आकार देने के लिए एक कटोरी में थोड़ा सा पानी रखें और अपनी हथेलियों को हल्का गीला कर लें। बैटर से एक छोटी सी लोई लेकर हथेली पर रखें और अपनी उंगली या अंगूठे की सहायता से उसके ठीक बीच में एक छोटा सा छेद बना दें। इसके बाद इसे बेहद सावधानी के साथ गर्म तेल में छोड़ दें। यदि आपको हाथ से आकार देने में कठिनाई महसूस हो रही है, तो आप किसी गीले कपड़े या साफ प्लास्टिक शीट की मदद भी ले सकते हैं। शुरुआत में यदि आकार थोड़ा बहुत टेढ़ा-मेढ़ा भी हो जाए, तो घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि इससे इसके स्वाद पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।

तेल का सही तापमान बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। कड़ाही में तेल डालकर उसे मध्यम आंच पर गर्म करें। यदि तेल बहुत ज्यादा खौल रहा होगा, तो वड़ा बाहर से तो तुरंत भूरा हो जाएगा, लेकिन अंदर से कच्चा ही रह जाएगा। वहीं दूसरी ओर, यदि तेल पर्याप्त गर्म नहीं हुआ, तो वड़ा बहुत अधिक तेल पी लेगा। वड़ों को एक साथ कड़ाही में ठूंस-ठूंसकर न डालें। उन्हें पर्याप्त जगह मिलनी चाहिए ताकि वे आसानी से फूल सकें और चारों तरफ से समान रूप से पक सकें। दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक इन्हें तलें और फिर निकालकर टिश्यू पेपर या किसी छलनी पर रख लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।

मेदू वड़ा को बिल्कुल होटल जैसा बनाने के लिए कुछ खास बातों का हमेशा ध्यान रखें। सबसे पहले, दाल पीसते समय पानी की मात्रा न्यूनतम रखें ताकि बैटर की कंसिस्टेंसी एकदम सही बनी रहे। दूसरा, बैटर को पर्याप्त समय तक फेंटें ताकि उसमें हवा भर जाए और वड़ा हल्का बने। तीसरा, तलते समय तेल का तापमान मध्यम होना चाहिए और हर नए बैच को डालने से पहले तेल को दोबारा संतुलित होने का मौका देना चाहिए। यदि आप स्वाद को और अधिक बढ़ाना चाहते हैं, तो बैटर में कटी हुई धनिया, काली मिर्च के साथ थोड़ा सा जीरा भी मिला सकते हैं।

तैयार गरमा-गरम मेदू वड़ों को प्लेट में सजाएं और इन्हें ताजी नारियल की चटनी तथा स्वादिष्ट सांभर के साथ परोसें। आप चाहें तो वड़े के ऊपर थोड़ा सा सांभर उड़ेलकर भी इसका आनंद ले सकते हैं। सुबह के नाश्ते के अलावा जब भी घर पर मेहमान आएं, तब भी इस बेहतरीन स्नैक को आसानी से तैयार किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

मेदू वड़ा बनाने के लिए मुख्य रूप से किस दाल का उपयोग किया जाता है?
मेदू वड़ा बनाने के लिए मुख्य रूप से उड़द दाल का उपयोग किया जाता है।
उड़द दाल को पीसते समय पानी का ध्यान क्यों रखना चाहिए?
दाल पीसते समय पानी कम रखना जरूरी है ताकि बैटर गाढ़ा और चिकना बने, अन्यथा वड़े का आकार बिगड़ सकता है और वे ज्यादा तेल सोख सकते हैं।
मेदू वड़ा को अंदर से सॉफ्ट और स्पंजी कैसे बनाया जाता है?
दाल पीसने के बाद बैटर में मसाले मिलाकर उसे हाथ या व्हिस्क की मदद से अच्छी तरह फेंटना चाहिए, जिससे उसमें हवा भर जाती है।
वड़े तलते समय तेल का तापमान कैसा होना चाहिए?
वड़े तलने के लिए कड़ाही में तेल का तापमान मध्यम होना चाहिए ताकि वे अंदर तक पक सकें और बाहर से क्रिस्पी हो जाएं।
मेदू वड़ा को आमतौर पर किसके साथ परोसा जाता है?
मेदू वड़ा को गरमा-गरम सांभर और नारियल की चटनी के साथ परोसा जाता है।
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