जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मुस्तैद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने सीमा पार से घुसपैठ की एक नई कोशिश को समय रहते पूरी तरह से विफल कर दिया है। कानाचक सेक्टर में भारतीय सीमा के भीतर प्रवेश करने का प्रयास कर रहे एक पाकिस्तानी नागरिक को सीमा पर तैनात जवानों ने संदिग्ध परिस्थितियों में देखा और बिना कोई मौका दिए तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे धर दबोचा। बीएसएफ जवानों की सतर्कता और मुस्तैदी के कारण घुसपैठिया सीमा सुरक्षा घेरे को तोड़कर भारतीय भूभाग में आगे नहीं बढ़ सका। सीमा सुरक्षा बल की हिरासत में मौजूद इस व्यक्ति से सुरक्षा अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं।
घुसपैठिए की पहचान और पाकिस्तान के सियालकोट से संबंध
सुरक्षा बलों द्वारा पकड़े गए घुसपैठिए की पहचान 45 वर्षीय नजीर सादिर के रूप में की गई है। शुरुआती जांच में मिली जानकारी के मुताबिक, वह पड़ोसी देश पाकिस्तान के सियालकोट जिले में स्थित लूनी गांव का रहने वाला है। कानाचक सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा पार कर जैसे ही उसने भारतीय सरजमीं पर कदम रखा, वैसे ही सीमा पर ड्यूटी दे रहे बीएसएफ जवानों ने उसकी अस्वाभाविक और संदिग्ध गतिविधियों को भांप लिया। जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया के चलते उसे भारतीय क्षेत्र की सीमा में घुसते ही घेरकर हिरासत में ले लिया गया।
संयुक्त जांच टीम का गठन और बहुस्तरीय पूछताछ
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने एक संयुक्त जांच टीम (ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन टीम) का गठन किया है, जो पकड़े गए व्यक्ति से सघन पूछताछ कर रही है। इस विशेष संयुक्त जांच दल में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों के साथ-साथ बीएसएफ की इंटेलिजेंस विंग, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), भारतीय सेना और स्थानीय जम्मू और कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह बहुस्तरीय टीम नजीर सादिर से जुड़े हर बिंदु और उसकी पृष्ठभूमि की गहन जांच-पड़ताल कर रही है।
घुसपैठ के मकसद और स्थानीय नेटवर्क की पड़ताल
सुरक्षा एजेंसियां नजीर सादिर से यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही हैं कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारतीय सीमा में आने के पीछे उसके मुख्य मंसूबे क्या थे। जांच अधिकारी उससे यह जानने में लगे हैं कि क्या उसने किसी आतंकी संगठन या सीमा पार बैठे आकाओं के इशारे पर घुसपैठ की थी, अथवा इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। इसके अलावा, भारतीय सीमा में प्रवेश के बाद उसकी मदद करने वाले संभावित स्थानीय संपर्कों और मददगारों की भी सूची तैयार की जा रही है। पूछताछ में पाकिस्तान में उसके ठिकाने, सीमा तक पहुंचने के गुप्त रास्तों और भारत में घुसने के सटीक उद्देश्य को लेकर तीखे सवाल पूछे जा रहे हैं।



















