भारतीय वायुसेना के एक महत्वपूर्ण एयरस्पेस रिजर्वेशन ने पाकिस्तानी रक्षा तंत्र में भारी बेचैनी पैदा कर दी है। खुफिया जानकारियों के अनुसार, भारत द्वारा 21 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच लागू किए जाने वाले इस एयरस्पेस नोटिस के सामने आने के बाद से ही इस्लामाबाद के शीर्ष रक्षा अधिकारी गंभीर तनाव में हैं। भारत की संभावित सैन्य तैयारियों और युद्धाभ्यास की आहट मिलते ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बिना किसी देरी के एक उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट उनके चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज को सौंप दी गई है। भारत के इस कड़े कदम से सहमे हुए पाकिस्तान ने अपनी सेना को पूरी तरह से हाई अलर्ट पर रखने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी चौकसी काफी बढ़ा दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच सामरिक हलचल को अचानक से तेज कर दिया है।
NOTAM के ऐलान से मची खलबली और इस्लामाबाद में बैठकों का दौर
भारतीय वायुसेना ने 21 सितंबर से 7 अक्टूबर की समयावधि के लिए एक नोटिस टू एयर मिशन्स जारी किया है। सामान्य तौर पर जब भी वायुसेना को कोई बड़ा युद्धाभ्यास करना होता है या फिर किसी मिसाइल का परीक्षण करना होता है, तब इस तरह के एयरस्पेस को आरक्षित किया जाता है। लेकिन भारत के इस नियमित प्रशासनिक और सामरिक कदम ने पाकिस्तानी हुक्मरानों की नींद उड़ा दी है। सामने आई खास जानकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने तुरंत एक इमरजेंसी रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया ताकि भारत के इस नोटिस के हर एक पहलू का बारीकी से विश्लेषण किया जा सके।
भारत के संभावित सैन्य अभ्यासों और गतिविधियों को भांपते हुए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को एलिवेटेड अलर्ट पर रखा गया है और भारत-पाक सीमा पर अतिरिक्त निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों का यह तर्क है कि वे भारतीय वायुसेना की हर एक गतिविधि और मूवमेंट पर पैनी नजर रखे हुए हैं। हालांकि, अपनी आंतरिक घबराहट और दबाव को छिपाने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों की तरफ से यह दावे भी किए जा रहे हैं कि वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और हरसंभव जवाब देने की क्षमता रखते हैं।
क्या है NOTAM और क्यों इससे सहमता है पाकिस्तान
सैन्य शब्दावली में कहें तो नोटिस टू एयर मिशन्स पायलटों को किसी विशिष्ट क्षेत्र में उड़ानों से जुड़े संभावित खतरों, रूट में बदलाव या अन्य तकनीकी जानकारियों से अवगत कराने के लिए जारी किया जाता है। जब भी भारत अपनी सीमा के करीब बड़े पैमाने पर हवाई अभ्यास करता है, तब पाकिस्तान को अतीत की घटनाओं को देखते हुए किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई या एयर स्ट्राइक का अंदेशा सताने लगता है। यही मुख्य वजह है कि भारत के इस 17 दिनों के लंबे एयरस्पेस रिजर्वेशन ने पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य तंत्र में भारी दहशत पैदा कर दी है।



















