7वीं पास जॉन प्रकाश राव जनुमाला कैसे बने कॉमेडी किंग जॉनी लीवर, 300 से अधिक फिल्मों में दर्ज कराया नामलेट समर में मानसिक सेहत सुधारने के आठ आसान और विज्ञान सम्मत उपायकक्षाओं में सजा के बजाय जुड़ाव पर जोर, जानिए कैसे बदल रहा है स्कूलों का माहौलनांदेड में सुखबीर सिंह बादल पर हमले के बाद अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर दागे सवालसिनेमा में 67 साल पूरे होने पर कमल हासन का विचार, केवल 20 वर्ष को माना असली सीखघर में बजरंगबली के पांच मुखी स्वरूप की स्थापना से मिटेंगे संकट, जानिए किस दिशा में चित्र लगाना माना जाता है श्रेष्ठशिकागो अदालत का फैसला, इथियोपियन एयरलाइंस हादसे में जान गंवाने वाले संयुक्त राष्ट्र इंजीनियर के परिवार को बोइंग देगा 29 मिलियन डॉलरनांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला, राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाना हालफगवाड़ा में कैलाश खेर के शिव भजनों ने जीता दिल, अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार के भक्ति आयोजनों को सराहाबिहार के मुजफ्फरपुर में बेखौफ अपराधियों का दुस्साहस, रेड के दौरान पुलिस पर बरसाईं गोलियां और बाइक छीनकर भागे
क्वेटा में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की बड़ी कार्रवाई, खुफिया एजेंसी के कथित मददगार की गोली मारकर हत्यापाकिस्तान
12 अग॰ 2026, 11:32 pm (1 दिन पहले)· 0

क्वेटा में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की बड़ी कार्रवाई, खुफिया एजेंसी के कथित मददगार की गोली मारकर हत्या

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने क्वेटा के सरयाब मिल क्षेत्र में फारूक मोहम्मद हसनी की हत्या कर दी है। संगठन का दावा है कि वह पाकिस्तानी खुफिया तंत्र का सक्रिय सहयोगी था।

बलूचिस्तान के क्वेटा शहर में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने एक कथित सरकारी मुखबिर को निशाना बनाते हुए अपनी मौजूदगी का सख्त संदेश दिया है। संगठन ने सरयाब मिल क्षेत्र में फारूक मोहम्मद हसनी नामक व्यक्ति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस विद्रोही समूह का आरोप है कि मारा गया शख्स लंबे समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा था और स्थानीय स्तर पर सैन्य अभियानों की योजना बनाने में सहायता प्रदान करता था।

बीएलए की खुफिया निगरानी और हमले की प्रक्रिया

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की विशेष खुफिया शाखा काफी समय से फारूक मोहम्मद हसनी की गतिविधियों पर बारीक नजर रख रही थी। संगठन के अनुसार, हसनी जब मंगुचर से निकलकर क्वेटा पहुंचा, तब पहले से घात लगाकर बैठे विद्रोही दस्तों ने उस पर हमला कर दिया। समूह ने दावा किया है कि हसनी उस खुफिया नेटवर्क से जुड़ा हुआ था जो बलूच अलगाववादी आंदोलन के समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं की पहचान कराने में जुटा था। इसके अलावा उस पर राज्य समर्थित एजेंसियों के जरिए लोगों को जबरन गायब करवाने के अभियानों में मदद करने के भी आरोप लगाए गए हैं।

ये भी पढ़ें

ऑपरेशन गोबात और हंट एंड किल अभियान

इस लक्षित हत्या को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने अपने विस्तृत सैन्य अभियान ऑपरेशन गोबात का हिस्सा करार दिया है। इसके साथ ही संगठन ने एक नए हंट एंड किल अभियान की शुरुआत की भी घोषणा की है। पिछले कई वर्षों से बलूच अलगाववादी समूह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर मानवाधिकारों के उल्लंघन, राजनीतिक दमन, मनमानी गिरफ्तारियों और फर्जी मुठभेड़ों के गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। इस नए चरण में विद्रोहियों ने अपनी रणनीति बदलकर मुख्य रूप से खुफिया सहयोगियों और मुखबिरों को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

संघर्ष का बदलता स्वरूप और स्वतंत्रता की चेतावनी

दूसरी तरफ, पाकिस्तान सरकार और सैन्य प्रशासन इन सभी गुटों को उग्रवादी और अलगाववादी घोषित करते आए हैं। सरकारी बयानों में कहा जाता रहा है कि यह समूह आम नागरिकों, सरकारी बुनियादी ढांचे और सुरक्षा कर्मियों को जानबूझकर निशाना बनाते हैं। हालांकि, हालिया घटनाक्रम से साफ है कि बलूचिस्तान में यह संघर्ष अब एक अत्यंत व्यक्तिगत और केंद्रित स्वरूप ले चुका है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने साफ किया है कि उसकी अंतिम मांग बलूचिस्तान की पूर्ण आजादी है और जो भी व्यक्ति या समूह पाकिस्तानी सेना की मदद करेगा, उसे आगे भी इसी तरह के अंजाम का सामना करना पड़ेगा।

सवाल-जवाब

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने क्वेटा में किसकी हत्या की?
बीएलए ने क्वेटा के सरयाब मिल क्षेत्र में फारूक मोहम्मद हसनी नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी।
बीएलए ने फारूक मोहम्मद हसनी पर क्या आरोप लगाए थे?
बीएलए का आरोप था कि हसनी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करता था और अलगाववादियों के खिलाफ सैन्य अभियानों में मदद देता था।
इस कार्रवाई को किस अभियान का हिस्सा बताया गया है?
बीएलए ने इस हत्या को अपने 'ऑपरेशन गोबात' और नए 'हंट एंड किल' अभियान का हिस्सा बताया है।
पाकिस्तानी सरकार का बीएलए के प्रति क्या रुख है?
पाकिस्तान सरकार बीएलए को एक उद्रवी और अलगाववादी संगठन मानती है जो हिंसा और बुनियादी ढांचे पर हमलों में शामिल है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR