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तिहाड़ में बंद यासीन मलिक की पत्नी मुशाल का यू-टर्न: कभी भारतीय सेना पर आग उगली, अब PoK में फौजी कार्रवाई पर मुनीर का बचावपाकिस्तान
13 जून 2026, 5:48 pm (45 दिन पहले)· 1

तिहाड़ में बंद यासीन मलिक की पत्नी मुशाल का यू-टर्न: कभी भारतीय सेना पर आग उगली, अब PoK में फौजी कार्रवाई पर मुनीर का बचाव

यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक का एक भावुक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो PoK में पाकिस्तानी फौज की कार्रवाई पर सेना को कठघरे में खड़ा करने के बजाय बचाते हुए नजर आ रही हैं — वही फौज जिसने वहां दर्जनों लोगों को मार डाला।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में फौजी कार्रवाई के बाद बहे खून ने एक चेहरे की दोहरी सोच को फिर बेनकाब कर दिया है। तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक का एक नया वीडियो चर्चा में है, जिसमें वो रोते-गिड़गिड़ाते हुए सामने आती हैं — मगर निशाने पर पाकिस्तानी सेना नहीं, बल्कि सिर्फ 'गलतफहमी' है। यही वो सेना है जिसने PoK में 46 मासूम लोगों को गोलियों से भून दिया।

वीडियो में आंसू, पर सवाल फौज से नहीं

मुशाल इस वीडियो में काले कपड़ों में, बिना मेकअप के चेहरे और आंखों से बहते आंसुओं के साथ हाथ जोड़े नजर आती हैं। वो बार-बार दोहराती हैं — 'और कत्लेआम नहीं चाहिए'। पर पूरे वीडियो में वो एक बार भी पाकिस्तानी फौज को कसूरवार नहीं ठहरातीं। उल्टा वो कहती हैं, 'हमारी फौज है, हमारे ही लोग, लेकिन पता नहीं किस घड़ी में ये गलतफहमी पैदा हो गई।' साथ ही दावा करती हैं कि 'मैं कश्मीर का साथ नहीं छोड़ूंगी।' यानी जिन सैनिकों ने आम लोगों पर गोलियां चलाईं, उन्हें वो भगवान जैसा पेश कर रही हैं।

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भारत के लिए सेना 'दुश्मन', अपने मुल्क में 'अपनी'

दिलचस्प बात यह है कि बरसों से मुशाल खुद को कश्मीर के मामले में मानवाधिकारों की मसीहा साबित करने में लगी रहीं। भारत के संदर्भ में कश्मीर के मुद्दे पर वो भारतीय सेना के खिलाफ लोगों को जमकर भड़काती रहीं। मगर जैसे ही बात अपने ही देश की फौज पर आई, वही सेना 'अपनी' हो गई। PoK के इस मुश्किल वक्त में अपने मुल्क के हालात सुधारने के बजाय उन्होंने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला और खुद को कश्मीर के लोगों तथा फौज के बीच सुलह कराने वाली के तौर पर पेश कर दिया।

2009 की शादी और उसके बाद की कहानी

पाकिस्तानी मूल की मुशाल हुसैन मलिक ने साल 2009 में कश्मीर में अलगाववादी राजनीति कर रहे यासीन मलिक से निकाह किया था। शादी के बाद वो भारत आईं और कश्मीर की वादियों में रहते हुए भारत-विरोधी माहौल बनाने में जुट गईं। यासीन मलिक के साथ मिलकर उन पर घाटी के नौजवानों को भड़काने और कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिशें रचने के आरोप लगे।

जब भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसा, तो यासीन मलिक को सजा हुई और वो तिहाड़ जेल पहुंचे। इसके बाद मुशाल सीधे पाकिस्तान चली गईं और वहां जाकर भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा का अपना पुराना सिलसिला फिर शुरू कर दिया। हालांकि लंबे समय से वहां उन्हें कोई खास तवज्जो नहीं मिल रही थी।

अब मुनीर और एस्टेब्लिशमेंट के साथ क्यों?

जो मुशाल कल तक भारत को मानवाधिकारों का पाठ पढ़ाती थीं, आज वही पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और मुल्क के हुक्मरानों के साथ खड़ी दिख रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, PoK में फौजी अत्याचारों के खिलाफ भड़के गुस्से को दबाने के लिए पाकिस्तानी एस्टेब्लिशमेंट ने मुशाल को आगे किया है। माना जा रहा है कि अपनी राजनीतिक जमीन और रसूख बचाने के लिए वो PoK के जलते हालात पर पर्दा डालने में लगी हैं, ताकि दुनिया के सामने पाकिस्तान की साख खराब न हो।

PoK में आखिर हो क्या रहा है

PoK के रावलकोट और आसपास के इलाकों में इन दिनों जो हालात हैं, वो रूह कंपा देने वाले हैं। वहां की स्थानीय जनता बुनियादी अधिकारों, आटे-दाल के संकट और बिजली के भारी बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी। जवाब में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उन पर बेरहमी से लाठियां और गोलियां चलाईं, जिससे सड़कों पर आम नागरिकों का खून बह गया। सच बाहर न आ सके, इसके लिए पूरे इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया और खाने-पीने की सप्लाई रोक दी गई। 40 से ज्यादा लाशें बिछ गईं और घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों तक जरूरी दवाइयां भी नहीं पहुंचने दी जा रही हैं।

'कश्मीर पाकिस्तान के लिए सिर्फ धंधा है'

जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने दो टूक कहा है कि पाकिस्तान के हुक्मरानों और उनके पालतू नेताओं के लिए कश्मीर कोई जज्बाती मुद्दा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भीख मांगने और सियासत चमकाने का एक बड़ा बिजनेस है। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे स्थानीय नेताओं का कहना है कि पाकिस्तान दुनियाभर में कश्मीर-कश्मीर का रोना रोकर सिर्फ अपना भू-राजनीतिक फायदा तलाशता है, जबकि PoK के असली बाशिंदों को कीड़े-मकौड़ों की तरह समझा जाता है — न उन्हें रोजगार है, न बुनियादी सहूलियतें और न ही अपनी बात कहने की आजादी।

भारत-विरोध पर टिका मुशाल का पूरा कारोबार

राजनीतिक हलकों में अब खुलकर कहा जा रहा है कि मुशाल मलिक को न कश्मीर के लोगों से सच्ची हमदर्दी है और न PoK की पीड़ित महिलाओं से। आरोप है कि उन्होंने हमेशा अपने पति यासीन मलिक की जेल की सजा को भुनाया, उनके नाम का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े सरकारी पद हासिल किए, महंगी गाड़ियों में घूमीं और आलीशान जिंदगी जी। आज जब PoK की जनता पाकिस्तान से आजादी मांग रही है, तब मुशाल का यही दोहरा रवैया दिखाता है कि उनकी पूरी 'दुकान' सिर्फ भारत-विरोध के झूठे प्रोपेगैंडा पर टिकी है।

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