लंबे समर वेकेशन के बाद स्कूल एक-दो दिनों में फिर से खुलने वाले हैं। ऐसे में हर माँ-बाप के सामने एक जानी-पहचानी चुनौती लौट आती है, बच्चे के लिए रोज़ ताज़ा और पौष्टिक टिफिन तैयार करना। गर्मियों में यह काम और भी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि तेज़ धूप और बढ़ते तापमान में खाना बहुत जल्दी खराब हो सकता है। गलत तरीके से पैक किया गया या बासी खाना बच्चों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइज़निंग जैसी गंभीर तकलीफें पैदा कर सकता है। इसलिए इस मौसम में टिफिन बनाते वक्त थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है।
रात का बचा हुआ खाना टिफिन में न रखें
सुबह के व्यस्त वक्त में वर्किंग पैरेंट्स के पास समय बेहद कम होता है। इसीलिए अक्सर रात की बची हुई सब्ज़ी, गूँथे हुए आटे या पुराने चावल को सुबह थोड़ा गर्म करके या फ्राई करके टिफिन में रख दिया जाता है। सामान्य मौसम में भले ही यह काम कर जाए, लेकिन गर्मियों में यह एक बड़ी भूल है। इस मौसम में बच्चों को हमेशा सुबह का बना ताज़ा खाना ही देना चाहिए। अगर वाकई सुबह वक्त कम है, तो एक आसान उपाय यह है कि रात में ही सब्ज़ियाँ काटकर और मसाले तैयार करके रख लें, ताकि सुबह सिर्फ 10 मिनट में ताज़ा खाना बन सके।
गर्म खाना सीधे टिफिन में कभी न भरें
जल्दबाज़ी में कई माता-पिता अभी-अभी पकाया गर्म खाना सीधे लंच बॉक्स में डाल देते हैं। ऐसा करने से डिब्बे के अंदर भाप और नमी जमा हो जाती है, जो बैक्टीरिया के तेज़ी से पनपने के लिए बिल्कुल सही माहौल तैयार करती है। सही तरीका यह है कि पहले खाने को थोड़ा ठंडा होने दें, उसके बाद ही टिफिन में पैक करें।
स्कूल जाने से कई घंटे पहले टिफिन तैयार न करें
अगर आप बच्चे के स्कूल जाने से तीन-चार घंटे पहले ही खाना पैक कर देते हैं, तो गर्मी में उसके खराब होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। जितनी देर खाना बाहर रखा रहेगा, उतना ही बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलेगा। कोशिश करें कि बच्चे के निकलने से ठीक पहले खाना बनाएँ और उसके बाद ही पैक करें।
दही, मेयोनीज़ और क्रीम वाली चीज़ें सोच-समझकर दें
गर्मियों में दही, मेयोनीज़, क्रीम या दूध से बनी चीज़ें बहुत तेज़ी से खराब होती हैं। अगर इन्हें टिफिन में देना हो, तो इन्सुलेटेड लंच बॉक्स का इस्तेमाल करें और मात्रा कम रखें। इस तपती गर्मी में इन चीज़ों को टिफिन से दूर रखना ही सबसे समझदारी है।
कटे हुए फल पैक करते वक्त बरतें सावधानी
गर्मी में कटे हुए फल हवा के संपर्क में आते ही तेज़ी से ऑक्सीडाइज़ होने लगते हैं, जिससे उनका रंग, स्वाद और पोषण सब कुछ जल्दी बिगड़ सकता है। बेहतर होगा कि टिफिन में ऐसे फल दें जिन्हें बच्चा आसानी से पूरा खा सके। अगर फल काटकर देने हों, तो उन्हें एयरटाइट डिब्बे में बंद करके पैक करें।
गीले और सूखे खाने को एक साथ न रखें
पराँठे, सैंडविच या किसी सूखे स्नैक के साथ अगर ज़्यादा ग्रेवी वाली सब्ज़ी रख दी जाए, तो खाना जल्दी खराब हो सकता है। गर्मियों में टिफिन के लिए सूखी सब्ज़ियाँ, पोहा, उपमा, वेज रैप या स्टफ्ड पराँठे जैसे विकल्प ज़्यादा सुरक्षित और उपयुक्त रहते हैं। ये हल्के भी होते हैं और लंबे समय तक ताज़े भी बने रहते हैं।
अच्छे एयरटाइट और इन्सुलेटेड लंच बॉक्स का इस्तेमाल करें
गर्मियों में साधारण डिब्बे की जगह अच्छी क्वालिटी के एयरटाइट और इन्सुलेटेड लंच बॉक्स का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसे डिब्बे खाने को लंबे समय तक ताज़ा बनाए रखते हैं और खराब होने की आशंका को काफी कम कर देते हैं।
स्मार्ट तरकीब: बैग में आइस पैक या ठंडी बोतल ज़रूर रखें
बच्चे के लंच बैग में एक छोटा फ्रोज़न वॉटर जेल पैक या बर्फ से जमी पानी की बोतल ज़रूर रखें। यह पूरे बैग का तापमान ठंडा बनाए रखेगा और खाना दोपहर तक सुरक्षित और ताज़ा रहेगा। यह बेहद आसान लेकिन कमाल का उपाय है।
गर्मियों में टिफिन के लिए क्या हैं सही विकल्प?
इस मौसम में बच्चों के टिफिन के लिए हल्का, पौष्टिक और जल्दी न खराब होने वाला खाना चुनें। कुछ अच्छे विकल्प हैं:
- सूखी सब्ज़ी के साथ पराँठे या रोटी
- पोहा या उपमा
- वेज रैप या स्टफ्ड पराँठे
- साबुत फल जैसे केला या सेब
हमेशा याद रखें कि बच्चे की सेहत के लिए सिर्फ पौष्टिक खाना देना ही काफी नहीं, उसे सही तरीके से स्टोर और पैक करना भी उतना ही अहम है। थोड़ी-सी तैयारी और सावधानी से आप गर्मियों में होने वाली पेट की तकलीफों से बच्चे को बचा सकते हैं और उसका टिफिन हर दिन ताज़ा और सुरक्षित रख सकते हैं।









