उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड से जुड़ी संपत्तियों में गड़बड़ी का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पूर्व मंत्री मोहसिन रज़ा रविवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर वक्फ बोर्डों में बड़े पैमाने पर हो रहे घोटालों और अनियमितताओं को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
वक्फ संपत्तियों की घटती संख्या पर चिंता
मुलाकात के दौरान मोहसिन रज़ा ने सीएम योगी को बताया कि प्रदेश में अभी सिर्फ 1,27,000 वक्फ संपत्तियां ही रजिस्टर्ड बची हैं, जबकि कुछ समय पहले तक यह आंकड़ा 2 लाख से ज्यादा हुआ करता था। उनका कहना था कि सपा, बसपा और कांग्रेस के शासनकाल में वक्फ बोर्ड का ठीक से ऑडिट नहीं कराया गया, जिस वजह से लाखों संपत्तियों का हिसाब-किताब आज भी साफ नहीं है और यही अस्पष्टता आज इतने बड़े घोटाले की जड़ बनी है।
वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का समर्थन
पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 की सराहना करते हुए कहा कि यह कानून वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाने के साथ ही उनकी सुरक्षा और सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब वक्फ संपत्तियों की असली तस्वीर सामने लाने के लिए तेज और निष्पक्ष जांच का समय आ चुका है, ताकि आगे किसी तरह की हेराफेरी की गुंजाइश न रह जाए।
सत्तर हजार से ज्यादा संपत्तियां रजिस्ट्री से गायब
मोहसिन रज़ा ने बैठक में बताया कि लगभग सत्तर हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियों को रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से हटा दिया गया है या वे गायब हो चुकी हैं, जो करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करता है। उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ के अलावा गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, सहारनपुर, अयोध्या, बरेली, नोएडा, आगरा, प्रयागराज, अलीगढ़, वाराणसी, अमरोहा, बिजनौर और आज़मगढ़ समेत कई जिलों से वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे और उनके व्यावसायिक इस्तेमाल की शिकायतें मिली हैं। उनके मुताबिक सदियों पहले धार्मिक और सामाजिक मकसद से बनाई गई इन संपत्तियों का मूल उद्देश्य अब बुरी तरह प्रभावित हो चुका है और असली जरूरतमंदों तक इसका फायदा नहीं पहुंच पा रहा।
सीएम योगी से मोहसिन रज़ा की प्रमुख मांगें
- शिया और सुन्नी दोनों वक्फ बोर्डों की सभी संपत्तियों की जनपदवार SIT बनाकर सत्यापन कराया जाए।
- हर जिले में विशेष ऑडिट, मौके पर निरीक्षण और पुराने रिकॉर्ड का मिलान कर रजिस्ट्री तथा असल संपत्तियों की पूरी सूची तैयार कराई जाए।
- जिन संपत्तियों में हेराफेरी, फर्जी नामांतरण, गैरकानूनी लीज या कब्जे में बदलाव पाया जाए, वहां तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई हो और संपत्तियों की वापसी व पुनर्स्थापना सुनिश्चित की जाए।
- वक्फ बाय यूजर से जुड़े विवादों का भी निपटारा किया जाए।
- दोषी लोगों, संस्थाओं, मुतवल्लियों, प्रभावशाली धर्मगुरुओं या राजनीतिक संरक्षण पाने वाले गुटों की पारदर्शी जांच कर उसकी सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए।
- वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर उनके विकास के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंदों, पिछड़ों और वंचितों को सीधा फायदा मिल सके।
- प्रदेश भर में जिलेवार समितियां बनाकर व्यापक निगरानी, ऑडिट और वसूली अभियान चलाया जाए, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता का भरोसा फिर से कायम हो सके।
सीएम से अपील
मोहसिन रज़ा ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनकी भ्रष्टाचार-विरोधी और जीरो-टॉलरेंस नीति के मुताबिक इस मामले में उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और तेज कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता और जनहित को देखते हुए तुरंत SIT जांच और विशेष ऑडिट शुरू कराकर जनहित में फैसला लिया जाए।



















