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अदालत से जमानत निरस्त होने पर नरेश मीणा ने नगरफोर्ट में किया सरेंडर, 10 अगस्त तक भेजे गए जेलराजनीति
7 अग॰ 2026, 1:29 pm (35 दिन पहले)· 0

अदालत से जमानत निरस्त होने पर नरेश मीणा ने नगरफोर्ट में किया सरेंडर, 10 अगस्त तक भेजे गए जेल

राजस्थान के टोंक जिले में 2 साल पहले एसडीएम को थप्पड़ मारने के आरोपी नरेश मीणा ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।

राजस्थान के टोंक जिले से जुड़ी बड़ी खबर में युवा नेता नरेश मीणा को अदालत के आदेश के बाद जेल भेज दिया गया है। करीब 2 साल पहले उपखंड अधिकारी (SDM) पर हाथ उठाने के चर्चित मामले में कानूनी शिकंजा कसने के बाद नरेश मीणा ने गुरुवार दोपहर नगरफोर्ट थाने पहुंचकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। सरेंडर के तुरंत बाद पुलिस ने कड़े सुरक्षा घेरे में उन्हें विशेष SC/ST कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का फरमान जारी हुआ। इस मामले में जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 10 अगस्त को तय की गई है।

अदालत से राहत नहीं, 10 अगस्त को अगली सुनवाई

कानूनी स्थिति पर नजर डालें तो राजस्थान हाई कोर्ट ने पहले एसडीएम थप्पड़ कांड में नरेश मीणा को सशर्त जमानत दे दी थी। हालांकि जमानत की शर्तों का अनुपालन न करने की वजह से विशेष SC/ST कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अदालत ने 13 जुलाई 2026 को जमानत निरस्त करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद से ही कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी गिरफ्तारी तय मानी जा रही थी। अब 10 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि अदालत से उन्हें दोबारा राहत मिलती है या नहीं।

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सरेंडर से पहले मीडिया के सामने जताया दर्द

थाने में सरेंडर करने से ठीक पहले नरेश मीणा ने पत्रकारों से बातचीत की और अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर दर्ज हत्या के प्रयास का मामला पूरी तरह गलत है और उनके खिलाफ केवल मामूली धाराएं ही लगाई जानी चाहिए थीं। घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संबंधित एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे और पूरा प्रकरण वीडियो में रिकॉर्ड है जिसे देखा जा सकता है। बातचीत के दौरान उन्होंने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि लगता है इस बार भी उनका जन्मदिन जेल की सलाखों के पीछे ही कटेगा। इससे पहले भी एक मौका ऐसा आ चुका है जब उनका जन्मदिन जेल में बीता था। नरेश मीणा का जन्मदिन 16 अगस्त को आता है।

जयपुर से समर्थकों संग पहुंचे नगरफोर्ट थाने

घटनाक्रम के अनुसार गुरुवार सुबह नरेश मीणा जयपुर से अपने कई समर्थकों के साथ नगरफोर्ट के लिए रवाना हुए थे। जयपुर से कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मौजूद उनके समर्थकों ने उनका स्वागत किया और नारेबाजी की। नगरफोर्ट थाने पहुंचने पर पुलिस ने सरेंडर की प्रक्रिया पूरी की और करीब 20 मिनट तक उन्हें थाने में रखा। इसके बाद पूरे प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करते हुए उन्हें अदालत परिसर पहुंचाया। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए क्षेत्र में व्यापक पुलिस बल तैनात किया गया था।

उपचुनाव के दौरान हुआ था एसडीएम थप्पड़ कांड

पूरा मामला 13 नवंबर 2024 का है, जब देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव की वोटिंग चल रही थी। समरावता गांव के ग्रामीण प्रशासनिक सीमा से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर मतदान का बहिष्कार कर रहे थे। उस समय निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे नरेश मीणा ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इसी दौरान कहासुनी के बीच उन्होंने मौके पर तैनात एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था और हिंसक झड़पें, आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं देखने को मिली थीं। उस वक्त नरेश मीणा ने आरोप लगाया था कि ईवीएम में उनका चुनाव चिह्न बहुत हल्का छापा गया है, जिससे उनके समर्थकों को मतदान करने में परेशानी आ रही है।

कांग्रेस से बगावत और देवली-उनियारा का सियासी गणित

नरेश मीणा का राजनीतिक सफर भी इस घटना के बाद काफी चर्चा में आया। वे कांग्रेस पार्टी से टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन पार्टी की तरफ से टिकट न मिलने पर उन्होंने बगावत कर दी और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर गए। इस उपचुनाव में कांग्रेस ने कस्तूर चंद मीणा को उम्मीदवार बनाया था, जबकि बीजेपी की तरफ से राजेंद्र गुर्जर चुनावी मैदान में थे। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नरेश मीणा के इस कदम और एसडीएम पर हुए हमले के बाद राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों में भारी रोष व्याप्त हो गया था और यह मामला प्रदेश की राजनीति का मुख्य केंद्र बन गया था।

सवाल-जवाब

नरेश मीणा ने पुलिस थाने में सरेंडर क्यों किया?
विशेष SC/ST कोर्ट द्वारा 13 जुलाई 2026 को जमानत की शर्तों के उल्लंघन पर जमानत निरस्त किए जाने के कारण नरेश मीणा ने सरेंडर किया।
एसडीएम थप्पड़ कांड की घटना कब हुई थी?
यह घटना 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में हुई थी।
नरेश मीणा की जमानत पर अगली सुनवाई कब होगी?
अदालत नरेश मीणा की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 10 अगस्त को करेगी।
सरेंडर से पहले नरेश मीणा ने क्या बयान दिया?
उन्होंने कहा कि उन पर लगी हत्या के प्रयास की धारा गलत है, पूरा मामला वीडियो में दर्ज है और उनका 16 अगस्त को आने वाला जन्मदिन जेल में बीत सकता है।
देवली-उनियारा उपचुनाव में कौन-कौन से उम्मीदवार मैदान में थे?
इस सीट पर कांग्रेस से कस्तूर चंद मीणा, बीजेपी से राजेंद्र गुर्जर और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नरेश मीणा मैदान में थे।
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