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अमेरिका में इमीग्रेशन एजेंसी का 50 लाख डॉलर का प्रोजेक्ट, सभी 50 राज्यों से वोटर डेटा जुटाने की तैयारीराजनीति
3 सित॰ 2026, 12:19 am (9 दिन पहले)· 3

अमेरिका में इमीग्रेशन एजेंसी का 50 लाख डॉलर का प्रोजेक्ट, सभी 50 राज्यों से वोटर डेटा जुटाने की तैयारी

अमरीकी एजेंसी आइस देश भर के मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन और वोटिंग इतिहास हासिल करने के लिए एक विशाल राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार कर रही है, जिससे प्राइवेसी और राज्यों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका में आव्रजन और सीमा प्रवर्तन एजेंसी (आइस) देश भर के मतदाताओं की प्राइवेसी से जुड़ा एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। एजेंसी ने देश के सभी 50 राज्यों से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मतदाता पंजीकरण फ़ाइलों और वोटिंग इतिहास के डेटा को हासिल करने और सुरक्षित रूप से स्टोर करने के लिए एक बहु-स्तरीय ठेके की प्रक्रिया शुरू की है। इस पूरे प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन्स (एचएसआई) के तहत धोखाधड़ी की पहचान करना और डेटा का विश्लेषण करना बताया जा रहा है। इस कदम से अमेरिका में नागरिक अधिकारों और व्यक्तिगत डेटा प्राइवेसी को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

फेडरल कांट्रैक्ट के नियम और बजट आवंटन

प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, इस पहल के तहत शुरुआती चरण में एजेंसी कुछ विशिष्ट राज्यों की सूची ठेकेदार को सौंपेगी, जहां से वोटर डेटा एकत्र किया जाएगा। हालांकि, कांट्रैक्ट पाने वाली कंपनी के पास अमेरिका के सभी 50 राज्यों से डेटा हासिल करने की पूरी तकनीकी क्षमता होनी आवश्यक है। एजेंसी का लक्ष्य हर प्रकार के संघीय चुनावों का इतिहास प्राप्त करना है, जिसमें आम चुनाव, प्राइमरी इलेक्शन, रनऑफ और विशेष चुनाव शामिल हैं। इस डेटा संग्रहण में मतदाता की राजनीतिक पार्टी से जुड़ी जानकारी भी शामिल हो सकती है। हालांकि शुरुआती कांट्रैक्ट दस्तावेज में कहा गया है कि ठेकेदार को सीधे तौर पर पार्टी संबद्धता का डेटा एकत्र करने के लिए नहीं कहा जाएगा, लेकिन होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन्स के सेक्शन चीफ माइकल रॉयर या किसी अधिकृत कांट्रैक्टिंग अधिकारी के लिखित निर्देश पर इसे तुरंत जोड़ा जा सकता है।

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हाल ही में जारी अधिग्रहण पूर्वानुमान दस्तावेजों से पता चलता है कि इस सरकारी कांट्रैक्ट की अनुमानित कीमत 20 लाख डॉलर से लेकर 50 लाख डॉलर (लगभग 16.5 करोड़ से 41.5 करोड़ रुपये) के बीच रखी गई है। इस अंतिम कांट्रैक्ट समझौते को आधिकारिक तौर पर जारी किए जाने की संभावना है, जिसकी समय सीमा 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। इस समय सीमा को देखते हुए माना जा रहा है कि कांट्रैक्ट बहुत जल्द आवंटित कर दिया जाएगा। जब इस विषय पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

प्राइवेसी की चिंताएं और राज्यों के अधिकारों पर बहस

नागरिक अधिकारों के विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों ने इस राष्ट्रीय डेटाबेस पर गहरी चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी संबद्धता और व्यक्तिगत मतदान इतिहास को एक केंद्रीय संघीय एजेंसी के पास जमा करने से मतदाताओं के गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन होता है। अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया पारंपरिक रूप से राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आती है, न कि संघीय सरकार के। विस्कॉन्सिन के गवर्नर टोनी एवर्स ने इस योजना का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि मतदान राज्यों का संवैधानिक मामला है और इसमें केंद्र सरकार या राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए। उन्होंने इस तरह के कदमों को चुनाव प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल खड़े करने वाला करार दिया।

राज्यों पर प्रशासनिक दबाव और फंडिंग रोकने की धमकियां

यह नई पहल होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और प्रशासन द्वारा आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले अपनाए जा रहे सख्त रुख का हिस्सा है। इससे पहले न्याय विभाग ने भी राज्यों से बिना संपादन वाला पूरा वोटर रोल डेटा देने की मांग की थी, लेकिन कई राज्य सरकारों और स्थानीय अदालतों ने इसे देने से साफ इनकार कर दिया था। इसके जवाब में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने राज्यों पर जांच में सहयोग करने का भारी प्रशासनिक दबाव बनाया। यहां तक कि चुनाव संबंधी नीतियों को लागू न करने वाले राज्यों को मिलने वाली आपातकालीन तैयारी और आतंकवाद-विरोधी फंडिंग रोकने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके अतिरिक्त, अवैध मतदान के संदेह में लोगों को देश से बाहर निकालने (डिपोर्टेशन) की चेतावनियां भी दी गईं, भले ही संबंधित व्यक्ति का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड न हो। हालांकि सरकारी दावों के विपरीत, गैर-नागरिकों द्वारा वोट डालने की घटनाएं बेहद दुर्लभ पाई गई हैं। हाल ही में जॉर्जिया राज्य में हुई एक विस्तृत जांच में भी ऐसे नगण्य मामले ही सामने आए थे।

चुनावी धोखाधड़ी की जांच का नया अभियान

आगामी चुनाव से पहले होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने कुछ चुनिंदा राज्यों में कथित चुनावी गड़बड़ियों की जांच के लिए एक नया विशेष अभियान शुरू किया है। आंतरिक दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होता है कि इस अभियान के तहत जांच अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर इंटरव्यू करेंगे, सुरागों का पीछा करेंगे और अभियोजन पक्ष को जल्द से जल्द कानूनी समीक्षा के लिए मामले सौंपेंगे।

व्यापक डेटा संग्रह का पुराना इतिहास

यह पहला मौका नहीं है जब आव्रजन एजेंसी ने नागरिकों के व्यक्तिगत और चुनावी रिकॉर्ड तक पहुंच बनाने का प्रयास किया है। इससे पहले जुलाई महीने में एजेंसी ने थॉमसन रॉयटर्स के 'क्लियर' डेटाबेस का उपयोग करने के लिए 12.5 करोड़ डॉलर (लगभग 1000 करोड़ रुपये) का एक बड़ा सौदा किया था। उस डेटाबेस में नागरिकों के नाम, पते, संपत्ति के रिकॉर्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, सोशल मीडिया प्रोफाइल और सार्वजनिक व निजी स्रोतों से एकत्र वोटर रजिस्ट्रेशन डेटा शामिल थे। इसके अलावा जून में एजेंसी के अधिकारियों ने सीधे टेक्सास और नॉर्थ कैरोलिना के दो काउंटियों के स्थानीय चुनाव अधिकारियों से व्यक्तिगत वोटर रोल हासिल किए थे।

इतना ही नहीं, पिछले वर्ष सामने आई जानकारियों के अनुसार, एक अन्य तकनीकी पहल 'डोज' (DOGE) के तहत सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन, आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस), होमलैंड सिक्योरिटी और पेन्सिलवेनिया व फ्लोरिडा के मतदान डेटा को मिलाकर एक विशाल मास्टर डेटाबेस तैयार किया जा रहा था। होमलैंड सिक्योरिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि विभिन्न विभागों के डेटा को आपस में क्रॉस-रेफरेंस करके नागरिकों की व्यापक प्रोफाइलिंग की जा रही है, जिसका वास्तविक उद्देश्य किसी वित्तीय बर्बादी या धोखाधड़ी को रोकने के बजाय बड़े पैमाने पर जानकारी जमा करना है।

सवाल-जवाब

आइस (ICE) का नया कांट्रैक्ट क्या है?
यह 20 लाख से 50 लाख डॉलर का एक सरकारी कांट्रैक्ट है, जिसके तहत अमेरिका के सभी 50 राज्यों से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वोटर रजिस्ट्रेशन और वोटिंग इतिहास का डेटा एकत्र किया जाएगा।
इस डेटाबेस को बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या बताया गया है?
गृह सुरक्षा जांच (HSI) इकाई के अनुसार, इसका उद्देश्य चुनावी धोखाधड़ी की पहचान करना और डेटा का विश्लेषण करना है।
क्या इस डेटा में मतदाताओं की पार्टी संबद्धता भी शामिल होगी?
शुरुआती कांट्रैक्ट में सीधे पार्टी डेटा नहीं मांगा गया है, लेकिन कांट्रैक्टिंग ऑफिसर के लिखित आदेश पर इसे कभी भी जोड़ा जा सकता है।
राज्य सरकारों और विस्कॉन्सिन के गवर्नर ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
विस्कॉन्सिन के गवर्नर टोनी एवर्स और कई राज्यों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि मतदान राज्यों का विषय है और इसमें संघीय सरकार का हस्तक्षेप गलत है।
क्या अमेरिका में गैर-नागरिकों द्वारा वोट डालने के बड़े मामले मिले हैं?
नहीं, जॉर्जिया समेत विभिन्न राज्यों में हुई जांच से स्पष्ट हुआ है कि गैर-नागरिकों द्वारा मतदान के मामले बेहद नगण्य और दुर्लभ हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·8 दिन पहले

मीरा जोशी के दृष्टिकोण से, इस प्रकार का व्यापक केंद्रीय डेटाबेस नागरिकों के मानसिक कल्याण और व्यक्तिगत प्राइवेसी पर गहरा मनोवैज्ञानिक असर डालता है। जब सरकार व्यक्तिगत मतदान इतिहास और राजनीतिक झुकाव को संकलित करती है, तो नागरिकों में निरंतर निगरानी का डर पैदा होता है। यह अविश्वास समाज में मानसिक तनाव, असुरक्षा की भावना और सामाजिक अलगाव को बढ़ावा दे सकता है, जिससे स्वस्थ लोकतांत्रिक सहभागिता और आत्म-विकास की प्रक्रिया बाधित होती है।

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

अमेरिका में आइस द्वारा पांच मिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्ट के तहत सभी राज्यों से वोटर डेटा और पार्टी संबद्धता केंद्रीयकृत करने की कोशिश संघीय अधिकारों और राज्यों के स्वायत्त नियंत्रण के बीच बड़ा टकराव पैदा कर सकती है। होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन्स के फ्रॉड डिटेक्शन के नाम पर यह डेटा संकलन व्यक्तिगत गोपनीयता पर गंभीर संकट खड़ा करता है, जिस पर राज्य सरकारों और कानूनी विशेषज्ञों का कड़ा विरोध आगामी प्रशासनिक और न्यायिक चुनौतियों का संकेत देता है।

Michael Anderson@michael-anderson·8 दिन पहले

यह घटनाक्रम वाशिंगटन और राज्य राजधानियों के बीच चल रहे शक्ति संघर्ष को और तीखा करेगा। यदि आप्रवासन और सीमा प्रवर्तन एजेंसी इस डेटा को हासिल कर लेती है, तो अमेरिकी कांग्रेस में इसके दूरगामी विधायी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। आगामी महीनों में नागरिक अधिकार समूहों द्वारा अदालतों में इसके खिलाफ कानूनी लड़ाइयां शुरू होना तय है, जिससे प्रशासन की चुनाव से जुड़ी नीतियां मुश्किल में पड़ सकती हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·9 दिन पहले

अमेरिका में आइस द्वारा पांच मिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्ट के तहत केंद्रीयकृत वोटर डेटाबेस बनाने की पहल से वित्तीय और तकनीकी बाजारों के साथ-साथ कॉर्पोरेट क्षेत्र की डेटा कंप्लायंस नीतियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। यदि संघीय स्तर पर इस प्रकार डेटा का एकत्रीकरण होता है, तो इससे डिजिटल प्राइवेसी टेक्नोलॉजी और डेटा सुरक्षा स्टार्टअप्स के लिए नियामक चुनौतियां और अनुपालन लागत काफी बढ़ जाएगी। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि इस कानूनी और राजनीतिक विरोध के बीच टेक्नोलॉजी वेंडर इस डेटा को कैसे मैनेज करते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 दिन पहले

एक अपराध और कानूनी मामलों के संवाददाता के रूप में, मेरा मानना है कि यह मामला केवल प्राइवेसी या राज्यों के अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिक स्वतंत्रता के बीच एक खतरनाक कानूनी संघर्ष का रूप ले सकता है। जब होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन्स जैसी सुरक्षा एजेंसियां चुनावी रिकॉर्ड और पार्टी संबद्धता जैसे संवेदनशील डेटा का केंद्रीयकरण करती हैं, तो यह सीधे तौर पर आपराधिक जांच की आड़ में नागरिकों की निगरानी और डेटा सर्विलांस का दायरा बढ़ा देता है। यदि अदालत में इस संघीय ठेके को चुनौती दी जाती है, तो यह अमेरिकी न्याय व्यवस्था में संघीय अधिकार बनाम राज्य संप्रभुता का एक ऐतिहासिक मामला बन सकता है, जिस पर हमारी पैनी नजर है।

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