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अमित शाह लोकसभा में छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर वक्तव्य देंगे, किरेन रिजिजू ने रखी शर्तराजनीति
10 अग॰ 2026, 5:22 pm (77 दिन पहले)· 1

अमित शाह लोकसभा में छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर वक्तव्य देंगे, किरेन रिजिजू ने रखी शर्त

संसद में मानसून सत्र के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और अयोध्या के मुद्दे पर गतिरोध जारी है। गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन सरकार ने सदन में शांति बनाए रखने की शर्त रखी है।

संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच बना गतिरोध और गहरा गया है। छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और अयोध्या में चढ़ावे की कथित चोरी जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच खींचतान जारी है। गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विषय में लोकसभा में औपचारिक बयान देने के लिए तैयार हो गए हैं। इस वक्तव्य के लिए लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जल्द ही समय निर्धारित किए जाने की संभावना है।

सदन में हंगामे पर किरेन रिजिजू का रुख

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पूरे मामले पर सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि इसके लिए उन्होंने एक प्रमुख शर्त रखी है कि जब गृह मंत्री सदन में अपना बयान दे रहे हों, तब विपक्षी सांसदों को किसी भी तरह का व्यवधान या शोर-शराबा नहीं करना चाहिए। सरकार ने इस स्थिति को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक के दौरान भी प्रमुखता से सामने रखा।

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बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में नहीं बनी बात

सदन के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के उद्देश्य से बुलाई गई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक भी बेनतीजा साबित हुई। इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच किसी सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका। विपक्षी दल केवल लाठीचार्ज ही नहीं, बल्कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों पर भी तत्काल सदन में चर्चा कराने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि वर्तमान मानसून सत्र में बेहद सीमित कार्यदिवस बचे हैं, इसलिए लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

विधायी कामकाज और विधेयकों पर गतिरोध बरकरार

विपक्ष लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि सरकार को इन दोनों अहम मुद्दों पर सदन के पटल पर जवाब देना चाहिए। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा खुद बयान देने की मंशा जताने के बावजूद, विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के चलते कार्यवाही बाधित होने की आशंका बनी हुई है। इस टकराव के बीच परिसीमन और विदेशी अंशदान विनियम अधिनियम (FCRA) से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा को लेकर फिलहाल कोई सहमति नहीं बन पाई है। अब सभी की निगाहें लोकसभा अध्यक्ष के आगामी फैसले पर टिकी हैं कि वह गृह मंत्री के वक्तव्य के लिए कौन सा समय तय करते हैं और क्या विपक्ष उस दौरान शांति बनाए रखने पर सहमत होता है।

सवाल-जवाब

गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में किस मुद्दे पर बयान देने वाले हैं?
गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई तथा लाठीचार्ज के मुद्दे पर लोकसभा में जवाब देने के लिए तैयार हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने क्या शर्त रखी है?
किरेन रिजिजू ने शर्त रखी है कि जब गृह मंत्री सदन में बयान दे रहे हों, तब विपक्षी दलों को संसद में कोई व्यवधान या शोर-शराबा नहीं करना चाहिए।
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में क्या फैसला हुआ?
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई, जिससे संसद का गतिरोध बरकरार रहा।
विपक्ष किन मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रहा है?
विपक्ष छात्रों पर लाठीचार्ज के अलावा अयोध्या में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर भी तुरंत चर्चा कराने की मांग पर अड़ा है।
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