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असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व धुबरी विधायक रसूल हक और तीन अन्य पार्टी नेताओं को किया निष्कासितराजनीति
16 अग॰ 2026, 9:24 pm (26 दिन पहले)· 2

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व धुबरी विधायक रसूल हक और तीन अन्य पार्टी नेताओं को किया निष्कासित

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी अध्यक्ष गौरव गोगोई के निर्देश पर पूर्व धुबरी विधायक रसूल हक समेत चार नेताओं की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए चार प्रमुख नेताओं को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। रविवार को जारी इस फैसले के बाद इन सभी नेताओं का पार्टी से औपचारिक संबंध समाप्त हो गया है।

धुबरी क्षेत्र में पार्टी की बड़ी कार्रवाई

संगठन के भीतर यह सख्त कदम असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के सीधे निर्देशों के बाद उठाया गया है। उनके स्पष्ट आदेश पर कार्रवाई करते हुए पार्टी की राज्य इकाई ने इन नेताओं की सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया तुरंत पूरी की।

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निष्कासित नेताओं की सूची और पद

कार्रवाई की जद में आए नेताओं में धुबरी क्षेत्र के कई जाने-पहचाने नाम शामिल हैं। निष्कासित किए गए प्रमुख चेहरे पूर्व धुबरी विधायक रसूल हक (बहादुर) हैं। इनके अलावा धुबरी विधानसभा सीट से पार्टी टिकट के दावेदार और पूर्व ज़िला परिषद सदस्य रेज़ाउल इस्लाम (रिंकू) पर भी यह गाज गिरी है। इस अनुशासनात्मक कार्रवाई में धुबरी जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोहिर उद्दीन मोंडल और मैचचीचर ग्राम पंचायत से अंचलिक पंचायत सदस्य अफ़ज़ल हुसैन का नाम भी शामिल है।

आधिकारिक आदेश और वजहों पर खामोशी

निष्कासन का यह आधिकारिक आदेश असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव रमन्ना बरुआ के हस्ताक्षरों से जारी किया गया है। पार्टी द्वारा जारी इस लिखित आदेश में इन चार नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाए जाने के पीछे के विशिष्ट कारणों या आरोपों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, आदेश के लागू होते ही इन सभी की प्राथमिक सदस्यता खत्म कर दी गई है।

सवाल-जवाब

असम कांग्रेस के चार नेताओं के निष्कासन का आदेश किसने दिया?
यह अनुशासनात्मक कार्रवाई असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के निर्देश पर की गई।
प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किए गए मुख्य नेता कौन-कौन हैं?
निष्कासित नेताओं में पूर्व धुबरी विधायक रसूल हक (बहादुर), टिकट के दावेदार व पूर्व ज़िला परिषद सदस्य रेज़ाउल इस्लाम (रिंकू), धुबरी जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोहिर उद्दीन मोंडल और अंचलिक पंचायत सदस्य अफ़ज़ल हुसैन शामिल हैं।
निष्कासन का आधिकारिक पत्र किसने जारी किया था?
यह आधिकारिक निष्कासन आदेश असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव रमन्ना बरुआ के हस्ताक्षर से जारी किया गया था।
क्या पार्टी ने निष्कासन के पीछे कोई खास वजह बताई है?
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में नेताओं पर लगाए गए आरोपों या निष्कासन के विशिष्ट कारणों का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
यह निष्कासन आदेश कब से प्रभावी हुआ है?
रविवार को आदेश जारी होते ही यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया और नेताओं की प्राथमिक सदस्यता समाप्त हो गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·26 दिन पहले

असम में कांग्रेस का यह आंतरिक अनुशासनात्मक कदम क्षेत्रीय राजनीति में व्यापक प्रभाव डाल सकता है, खासकर तब जब पार्टी नेतृत्व ने बिना स्पष्ट कारण बताए इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर असंतोष को सतह पर ला सकता है और आगामी राजनीतिक समीकरणों को गहराई से प्रभावित करेगा, जिससे ध्रुवीकरण और सांगठनिक फेरबदल की संभावना बढ़ जाती है।

Ravikash Gupta@ravikash·26 दिन पहले

असम में कांग्रेस द्वारा की गई यह अनुशासनात्मक कार्रवाई गौरव गोगोई के नेतृत्व में पार्टी संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। हालांकि आधिकारिक आदेश में कारणों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन धुबरी जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में चार बड़े स्थानीय नेताओं को एक साथ बाहर करना आगामी राजनीतिक समीकरणों को गहराई से प्रभावित कर सकता है। इस सख्त कदम से यह संकेत मिलता है कि पार्टी आंतरिक असंतोष या अनुशासनहीनता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी, जिसका दूरगामी असर क्षेत्रीय चुनावी प्रबंधन पर पड़ सकता है।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·26 दिन पहले

रविकाश जी के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह स्पष्ट है कि गौरव गोगोई के इस कड़े कदम से स्थानीय स्तर पर धड़ेबंदी और गहरी हो सकती है। धुबरी जैसे संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव से पहले इस तरह के बड़े चेहरों पर बिना स्पष्ट कारणों के गाज गिरने से ज़मीनी कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। यदि शीर्ष नेतृत्व ने जल्द ही असंतुष्टों को साधने का प्रयास नहीं किया, तो यह आंतरिक कलह पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को कमज़ोर कर सकती है और विपक्षी दलों को सीधा लाभ पहुँचाने का काम करेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·26 दिन पहले

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा धुबरी क्षेत्र के चार नेताओं की प्राथमिक सदस्यता का तत्काल रद्द होना आंतरिक कलह और अनुशासनहीनता की ओर गंभीर इशारा करता है। हालांकि पार्टी के संगठनात्मक आदेश में विशिष्ट कारणों या आरोपों का कोई खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के सीधे निर्देशों पर हुई इस कार्रवाई के दूरगामी राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। आगामी दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या इन निष्कासित नेताओं पर किसी प्रकार की कानूनी या आपराधिक जांच का शिकंजा कसता है या यह मामला केवल पार्टी के भीतर की गुटबाजी और शक्ति संतुलन तक ही सीमित रहता है।

Rohan Verma@rohan-verma·26 दिन पहले

असम में गौरव गोगोई के सीधे हस्तक्षेप से हुई यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि पार्टी नेतृत्व आगामी रणनीतिक मोर्चों पर किसी भी प्रकार के भीतरघात को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। खासकर जब धुबरी जैसे संवेदनशील राजनीतिक क्षेत्र में पूर्व विधायक सहित प्रमुख दावेदार पर गाज गिरी है, तो इससे ज़मीनी स्तर पर समीकरण प्रभावित होना तय है। यदि इन निष्कासित नेताओं ने क्षेत्र में अपना समानांतर प्रभाव दिखाने का प्रयास किया, तो कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे को स्थानीय स्तर पर भारी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आगामी चुनावी नतीजों पर सीधा असर पड़ सकता है।

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